कांवड़ियों पर पथराव, फतेहपुर बंद, धारा 144 लागू

कांवड़ियों पर पथराव, फतेहपुर बंद, धारा 144 लागू



सीकर । जिला प्रशासन की कथित लापरवाही ने जिले के सबसे बड़े उपखण्ड मुख्यालय फतेहपुर को साम्प्रदायिक तनाव में ला दिया। हालात पर काबू पाने के लिए कस्बे में तैनात अर्धसैनिक बल व विभिन्न थाना पुलिस की टुकड़ियों की ओर से घरों में घुस कर बल प्रयोग किया जा रहा है। कस्बे में धारा 144 लागू कर दी गई है तथा इंटरनेट सेवाएं बंद की गई हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है| पुलिस ने अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन के लिए आने वाले एक समुदाय के लोगों पर पेलेट गन से फायरिंग कर आंसू गैस के गोले दागे तथा लाठीचार्ज किया गया।

रविवार रात कस्बे की लोहार मस्जिद के निकट डी जे की धुन पर जा रहे कांवड़ियों पर एक समुदाय के समूह की ओर से किए गए हमले की वारदात पर जिला प्रशासन की चुप्पी ने तनाव की स्थिति बना दी। एक समुदाय की ओर से किए गए हमले में लहूलुहान हुए तीन कांवड़ियों को उपचार के लिए चिकित्सालय में भर्ती किया गया है।

कांवड़ियों को राहत देने कस्बे वासियों को एकत्र होता देख दूसरी ओर से पथराव किया गया। मौके पर पहुंचे उपखण्ड अधिकारी फतेहपुर व वृत निरीक्षक फतेहपुर की ओर से न्याय संगत कार्रवाई का प्रयास करने की बजाय समझाने का ही प्रयास किया गया। रातभर आरोपियों पर कार्रवाई नहीं करने के विरोध में समूचा फतेहपुर कस्बा अनिश्चितकालीन बंद हो गया है। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मधु भिण्डा के नेतृत्व में धरना दिया जा रहा है। धरने पर बैठे एक समुदाय के लोग कांवड़ियों के हमलावरों की गिरफ्तारी करने तथा लाठी चार्ज कर एक समुदाय के लोगों को घायल करने के आरोपी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

घटनाक्रम के अनुसार अपने आराध्य देव भगवान शिव को प्रसन्न करने तीर्थ स्थान से लाई कांवड़ से सावन के अंतिम सोमवार को शिवालय में जलाभिषेक करने रविवार रात एक दर्जन से अधिक कांवड़िए फतेहपुर शहर से रामगढ़ शेखावाटी मार्ग की ओर जा रहे थे। लोहार मस्जिद के पास एक समुदाय के लोगों की ओर से कांवड़ियों को डी जे पर भजन संगीत बजाने का उग्र विरोध कर डी जे को बंद करने की चेतावनी दी जिसे बंद भी कर दिया गया। कुछ देर में ही डीजे का विरोध कर रहे समुदाय के लोगों ने एकत्र होकर कांवड़ियों पर हमला कर दिया। सूचना पर कस्बे के विभिन्न क्षेत्रों से दूसरे समुदाय के एकत्र हुए लोगों ने विरोध किया। क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देख कर पुलिस बल के साथ पहुंचे उपखण्ड स्तरीय अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाइश का प्रयास किया। रातभर चले तनाव के दौर के बावजूद प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की ओर से हमलावारों की गिरफ्तारी के प्रयास तक नहीं किए गए तथा पीड़ित कांवड़ियों की प्रथम सूचना रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की गई। जिला एवं पुलिस प्रशासन की ढिलाई से उत्तेजित होकर पीडि़त पक्ष की ओर से सोमवार को कस्बा बंद कर प्रदर्शन किया गया। मामले को राजनीतिक रूप देने के लिए कांग्रेस के पूर्व राज्यसभा सांसद व पूर्व विधायक अश्क अली टांक के आने पर प्रदर्शनकारी उग्र हो गए जिस पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर पूर्व सांसद को मौके पर सुरक्षा देकर हटाया।

समाचार लिखे जाने तक कस्बे में तनाव की स्थिति है तथा मौके पर उपस्थित अधिकारी कांवड़ियों के हमलावरों की शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन भर दे रहे हैं।

Share it
Top