जनादेश का उड़ रहा मजाक, एनडीए हो रहा कमजोर : पायलट

जनादेश का उड़ रहा मजाक, एनडीए हो रहा कमजोर : पायलट


जयपुर। उपमुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस प्रमुख सचिन पायलट ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) लगातार कमजोर हो रहा है। महाराष्ट्र की जनता ने एनडीए को जिस तरह से जनादेश दिया है, उसका मजाक बनाया जा रहा है। व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं के लिए जनादेश को ताक में रखकर वहां एक-दूसरे के स्वार्थ साधे जा रहे हैं, जो उचित नहीं है। पायलट मंगलवार सुबह गुरुनानक देवजी के पांच सौ पचासवें प्रकाश पर्व पर गुरुद्वारे में माथा टेकने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि एनडीए का गठबंधन लगातार कमजोर हो रहा है। पब्लिक का जो मैंडेट है उसका एक तरह से मजाक उड़ाया जा रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था क्या होगी और कैसे एक स्थाई सरकार बनाई जा सकती है, इस पर चर्चा जारी है। आज कांग्रेस कोर कमेटी की मीटिंग है। संभवतया इसमें अंतिम निर्णय किया जाएगा कि महाराष्ट्र की सरकार में कांग्रेस की क्या भूमिका रहेगी। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि सारा निर्णय अब राज्यपाल को करना है। सोमवार का जो घटनाक्रम रहा वो देश के सामने हैं।

उन्होंने कहा कि मूल प्रश्न ये है कि जो प्री पोल गठबंधन था शिवसेना और भाजपा का। साथ चुनाव लडऩे गए, बहुमत भी मिल गया, फिर क्या कारण है कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा इतनी बढ़ गई है कि अपने गठबंधन पार्टनर को अंधेरे में रखा जा रहा हैं। शिवसेना के मंत्री ने एनडीए सरकार से इस्तीफा दे दिया। पायलट ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता देख रही है कि जिन्होंने पांच साल शासन किया। फिर बहुमत भी लिया, फिर क्या कारण रहे जो वो सरकार बनाने में असमर्थ रहे। सबसे बड़ा दल भाजपा जीतकर आया और उन्होंने हाथ खड़े कर दिए। ऐसी क्या अनबन थी। सत्ता का ऐसा क्या लोभ था, इन सब के जवाब जनता मांगेगी। सबसे अधिक सीटें होने के बावजूद भाजपा ने सरकार बनाने से हाथ खड़े कर दिए।

पंचायतों के पुनर्गठन को लेकर पायलट ने कहा कि सरकार ने अपना काम पूरा कर लिया है। कुछ स्थानों पर पंचायतों के पुनर्गठन को लेकर हाईकोर्ट में मामला हैं, वहां के लिए हमने विधिक राय मांगी है। यह राय मिलते ही आगे की राह खोजेंगे। जल्द ही नए सीमांकन को लेकर बनी रूपरेखा के अनुसार वोटर लिस्टों का प्रकाशन हो जाएगा। राजस्थान में सत्ता आने के बाद हमने संपर्क बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। प्रदेश के किसी भी कोने से हमने दूरियां नहीं बनाई है। हमारी कोशिश है कि किसी काम को लेकर जयपुर आने वाले फरियादियों व कार्यकर्ताओं की पूरी बात सुनी जाएं, समस्याओं के निराकरण की कोशिश की जाएं और इस पर हम खरे भी उतर रहे हैं।


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