हल में बैल की जगह बेटियों को जोतने वाले किसान को कर्नाटक के मंत्री ने दी सहायता

हल में बैल की जगह बेटियों को जोतने वाले किसान को कर्नाटक के मंत्री ने दी सहायता

सीहोर। मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के बसंतपुर पांगरी गांव में खेत की जुताई के लिए हल में बैल की जगह बेटियों को जोतने वाले किसान को कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री ने बच्चियों के भरण पोषण औऱ पढ़ाई के लिए 50 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की है। कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री डी के शिवकुमार ने अपने ट््िवटर एकाउंट पर लिखा है कि'मैं मध्यप्रदेश की महिला कांग्रेस अध्यक्ष को डीडी के माध्यम से सीहोर जिले की दो बच्चियों के लिए सहायता राशि भेज रहा हूं। उम्मीद करता हूं वो उनके लिए मददगार साबित होगी। जो उनकी पढ़ाई और जीवन निर्वाह में सहायक होगी। मंत्री द्वारा सहायता राशि भेजे जाने पर कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष अरुण यादव ने उनका शुक्रिया अदा किया है। गौरतलब है कि बसंतपुर पांगरी के एक किसान सरदार बारेला के पास बैल नहीं हैं। उसकी बड़ी बेटी राधिका 14 साल और छोटी कुंती 11 साल की है। दोनों बेटियों ने पैसों की तंगी और खेती किसानी में अपने पिता की मदद के लिए अपनी पढ़ाई छोड़ दी। बैल न होने के कारण किसान उनकी जगह बेटियों के सहारे खेत की जुताई करने को मजबूर है। उसे मक्के की फसल की बुआई करनी थी, जिसके लिए उसने दोनों बेटियों के सहारे खेत की जुताई की। इसका एक वीडियो वायरल हुआ और मीडिया में खबर आने के बाद प्रदेश भर में हड़कंप मच गया। इस मामले को लेकर मानव अधिकार आयोग ने भी कलेक्टर से रिपोर्ट तलब की है।

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