प्याज के साथ लहसुन भी निकाल रही आंसू..प्याज 50 तो लहसुन का भाव है 200 रू. प्रति किग्रा

प्याज के साथ लहसुन भी निकाल रही आंसू..प्याज 50 तो लहसुन का भाव है 200 रू. प्रति किग्रा


उज्जैन। शहर में अभी भी प्याज की कीमत जहां 50 रुपये प्रति किग्रा है वहीं लहसुन की कीमत रिकार्ड 200 रुपये प्रति किग्रा है। हालात यह है कि आम आदमी की पहुंच से बाहर हो चले इन आयटमों पर प्रदेश सरकार और प्रशासन का कोई अंकुश नहीं है। यही कारण है कि जमाखोरी जमकर चल रही है। यदि जिला प्रशासन वेयर हाउसों में छापा डाले तो हजारो किग्रा माल जब्त हो सकता है। किसानों के नाम से हो रही जमाखोरी का पता किसान के रकबे और पटवारी को दी गई जानकारी से भी पता चल सकता है। आम शहरी में प्याज-लहसुन के भाव में इतनी अधिक बढ़ोतरी को लेकर आक्रोश है। रसोई में गृहणियों का आक्रोश इतना अधिक है कि वे खाना बनाते हुए दो से दस बार व्यवस्था को कोस रही है।

उज्जैन मंडी में वर्तमान में प्रतिदिन दो हजार बोरी (40 किलो भर्ती) की आवक हो रही है। हालात यह है कि थोक में प्याज 27 रुपये किग्रा बिक रहे हैं, किन्तु खेरची में उपभोक्ताओं से 50 रुपये प्रति किग्रा के भाव वसूले जा रहे हैं। इस पर किसी का नियंत्रण नहीं है। नागरिक क्षेत्रों से मांग है कि मिलावट के खिलाफ चली मुहिम की तर्ज पर जमाखोरों के खिलाफ यदि मुहिम चले तो प्याज-लहसुन के भाव एक सप्ताह में निचे गिर जाएंगे। ज्ञात रहे उज्जैन जिले में उज्जैन जिले में ही 20 हजार 499 किसानों ने सात हजार 864 हेक्टेयर में 19 लाख क्विंटल प्याज का उत्पादन किया। जिले में मुख्य रूप से बडऩगर, तराना एवं खाचरौद में प्याज का उत्पादन होता हैं। घट्टिया एवं बडऩगर क्षेत्र में किसानों द्वारा स्वयं के वेयर हाऊस बनाकर प्याज का भण्डारण किया जाता है। भण्डारण करने वाले किसानों में से कुछ पर अंगुलियां उठ रही है कि वे अपने गोडाऊन में व्यापारियों का प्याज भण्डारित कर रहे हैं,ताकि व्यापारी जमाखोरी की जद में न आ सके।

कार्रवाई के लिए गठित किया संयुक्त दल: अपर कलेक्टर

प्याज की आपूर्ति एवं मूल्य पर नियंत्रण रखने के लिये जिला प्रशासन नजर रखेगा। अपर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने बताया कि केन्द्र शासन द्वारा थोक व्यापारियों के लिये 50 टन एवं खेरची व्यापारियों के लिये 10 टन की सीमा निर्धारित की गई है। इस सीमा से अधिक प्याज भण्डारण करने पर सम्बन्धित के विरूद्ध कार्रवाही की जाएगी। उन्होने अधिकारियों की बैठक लेकर प्याज के बढ़ते मूल्य की समीक्षा की है। बैठक में निर्णय लिया गया है कि खाद्य, नापतौल एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम मंडियों में थोक भाव एवं बाजार में खेरची में प्याज के भावों की पड़ताल करेगी तथा मुनाफाखोरी करने वालों पर कार्रवाई करेगी।


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