म.प्र : आदिवासी हॉस्टल में शरारती तत्वों ने पानी की टंकी में मिलाया कीटनाशक, 32 बच्चों की तबीयत बिगड़ी

म.प्र : आदिवासी हॉस्टल में शरारती तत्वों ने पानी की टंकी में मिलाया कीटनाशक, 32 बच्चों की तबीयत बिगड़ी



धार। जिले के कानवन थानांतर्गत आदिवासी सीनियर बालक छात्रावास में बीती रात खाना खाने के बाद 32 बच्चे बीमार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बीमार बच्चों को स्थानीय शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से गंभीर हालत में बच्चों को कानवन के सिविल अस्पताल रेफर किया गया। लोगों का आरोप है कि बालक छात्रावास की पानी की टंकी में शरारती तत्वों ने जहरीली दवाई (कीटनाशक) मिला दी, जिसकी वजह से यह घटनाक्रम हुआ। इस मामले में रविवार को सुबह छात्रावास अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया है।

कानवन थाना पुलिस के अनुसार कानवन स्थित आदिवासी हास्टल में शनिवार की रात 32 बच्चों के बीमार होने की सूचना मिली थी। शुरुआती जांच में पता चला है कि हास्टल की टंकी के पानी में कीटनाशक दवाई की बदबू आ रही है। इसी पानी से शनिवार शाम को बच्चों के लिए खाना तैयार किया गया था। खाना खाने के बाद छात्रों को उल्टी, दस्त और घबराहट जैसी परेशानियां होने लगीं। कीटनाशक की बदबू के कारण कई बच्चों ने तो खाना भी नहीं खाया और उसे तुरंत छोड़ दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों की मदद से बीमार बच्चों को तत्काल कानवन के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां छात्रों की गंभीर स्थिति देखते हैं, उन्हें बदनावर स्वास्थ्य केंद्र रेफर कर दिया गया। बीमार बच्चों में चार की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिनका कानवन के अस्पताल में उपचार जारी है। हालांकि अन्य बच्चों को रविवार को सुबह स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दे दी गई है।

कानवन पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने छात्रावास अधीक्षक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लापरवाही बरतने पर सहायक आयुक्त बृजेश पांडे ने रविवार को सुबह छात्रावास अधीक्षक जगदीश बोरियल सहित एक अन्य कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया है। यह जानकारी आयुक्त पाण्डे ने स्वयं हिस को दी है।


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