सड़क पर उतरे सीजेएम, 25 वाहनों को किया जब्त

सड़क पर उतरे सीजेएम, 25 वाहनों को किया जब्त


गुना। अंकल ! ऑटो आया नहीं था, पापा को बुखार आ रहा था, इसलिए गाड़ी से आई, सॉरी। ऐसे एक नहीं तमाम बहाने शुक्रवार को दोपहिया वाहन दौड़ते स्कूल जा रहे बच्चों ने सीजेएम हर्ष सिंह बहरावत के समक्ष किए, किन्तु सीजेएम के सामने बच्चों की यह बहानेबाजी नहीं चली। उन्होंने बच्चों के माता-पिता को मौके पर बुलाया और उन्हे अपने बच्चों को वाहन न देने की समझाइश दी। इसके साथ ही बच्चों को दूसरे वाहनों से स्कूल पहुँचवाया। इतना ही नहीं, सीजेएम ने स्कूल संचालकों को भी सख्य हिदायत दी कि वह यह सुनिश्चित करें कि उन्हे स्कूल में कोई बच्चा दोपहिया वाहन चलाकर न आए अन्यथा स्कूल संचालकों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

गिड़गिड़ाने लगे बच्चे

यातायात नियमों के पालन को लेकर जिला न्यायधीश आरके कोष्टा के निर्देश पर सीजेएम बहरावत ने शुक्रवार सुबह सडक़ पर उतरकर वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान उनके साथ सूबेदार दीपक साहू के साथ पुलिस बल भी रहा। कार्रवाई केंद्रीय विद्यालय, वंदना और क्राइस्ट स्कूल के पास की गई। इस दौरान अनेक स्कूली बच्चों को वाहन चलाते हुए पकड़ा गया। इस दौरान बच्चे सीजेएम और टीम के सामने गिड़गिड़ाने लगे तो कुछ रोने भी लगे। बच्चों ने तमाम तरह के बहाने बनाकर आगे से गाड़ी से नहीं आने की बात कही। किसी ने ऑटो नहीं आने तो किसी ने पहली बार गाड़ी से आने की बात कही। सीजेएम ने बच्चों के माता-पिता को मौके पर बुलाकर समझाईश देकर छोड़ दिया।

एक ऑटो में मिले क्षमता से अधिक बच्चे

सीजेएम ने स्कूल ऑटो और बसों पर भी कार्रवाई की। इस दौरान एक ऑटो में क्षमता से अधिक 12 बच्चे बैठे पाए गए, जबकि उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार एक ऑटों में सिर्फ 5 बच्चे बैठाए जा सकते हैं। इसी तरह स्कूली बस बिना परमिट के चलती मिली तो बस में 32 बच्चे सवार थे। इसके साथ ही बच्चों को ढो रहे अन्य वाहनों पर भी कार्रवाई की गई। करीब दो दर्जन वाहन जब्त किए गए।

रोने लगे चालक और बनाए बहाने

सीजेएम ने सुबह केंद्रीय विद्यालय के बाहर और नानाखेड़ी पुलिया पर खड़े होकर कार्रवाई कराई। इस दौरान कई ओवरलोड आटो मिले। कार्रवाई से बचने चालक पुलिस के आगे रोने लगे तो कुछ ने बहाने बनाए। कार्रवाई की जानकारी लगते ही एक आटो चालक ने पेट्रोल पंप और दो लोगों ने एसपी ऑफिस रोड पर बच्चों को उतार दिया। इसके अलावा कई आटो चालक आटो को छोड़ बाइक से बच्चों को छोडऩे के लिए गए। यह कार्रवाई लगातार 2.30 घंटे तक चली।

आटो चालकों ने नहीं हटाए पटिया

उधर, न्यायधीशों ने आटो चालकों के लिए विशेष शिविर लगाकर जागरुक किया था। वर्दी पहने और आटो से पटिया हटाने निर्देश दिए थे। बैठक में आटो चालकों ने कानून का पालन करने सहमति दी, लेकिन इसके बाद पालन करते नजर नहीं आए। आटो में न केवल पटिया लगे हैं, बल्कि आटो में पांच से 6 बच्चे अतिरिक्त बैठाए जा रहे हैं।

19 बच्चों को दो पहिया वाहन चलाते पकड़ा

दो पहिया वाहन चलाते हुए नाबालिग बच्चों को भी पकड़ा। इसके बाद उनके माता-पिता को बुलाकर समझाइश दी और चालान बनाए। सीजेएम ने दो पहिया वाहनों को जब्त दूसरे वाहनों से बच्चों को स्कूल पहुंचवाया। स्कूल के प्राचार्यों को सख्त हिदायद दी गई कि वे यह सुनिश्चित करें कि स्कूल आने वाला कोई विद्यार्थी किसी विधि का उल्लंघन न करे। अगर, विधि का उल्लंघन करते पाया तो समझा जाएगा कि स्कूल प्रबंधन प्रोत्साहित कर रहा है। सीजेएम ने बताया, इस कार्रवाई का मकसद माता-पिता को जागरुक करना है। भविष्य में यदि पुनरावृत्ति की जाती है तो ऐसे माता पिता अथवा वाहन मालिक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान मौके पर कई बच्चों के माता पिता क्षमा मांगते हुए दिखाई दिए।


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