मेडिकल के आधार पर चुनाव ड्यूटी निरस्त कराने वाले 14 कर्मियों होंगे सेवा से पृथक

मेडिकल के आधार पर चुनाव ड्यूटी निरस्त कराने वाले 14 कर्मियों होंगे सेवा से पृथक


कलेक्टर ने लिखे विभाग प्रमुखों को पत्र

भोपाल। लोकसभा निर्वाचन के दौरान मेडिकल के आधार पर ड्यूटी निरस्त कराने वाले 14 अधिकारियों-कर्मचारियों की सेवा समाप्त हो सकती है। इस संबंध में भोपाल कलेक्टर एवं रिटर्निंग ऑफिसर संसदीय क्षेत्र भोपाल डॉ. सुदाम खाड़े ने संबंधित विभाग प्रमुखों को पत्र लिखकर उन्हें सेवा से पृथक करने को कहा है।

कलेक्टर डॉ. खाड़े ने बताया कि जिन कर्मचारियों को सेवा से पृथक करने के लिए संबंधित विभागों के विभागाध्यक्षों को पत्र लिखे गए हैं, उनमें नगर निगम भोपाल के मानचित्रकार कमाल उद्दीन, नीरज दुबे अनुसंधान सहायक (भू-जल), अशोक कुमार मेहरा समयपाल, आरिफ खान मैकनिक ग्रेड-3 कार्यालय सहायक यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, ओपी यादव सहायक वर्ग-3 कार्यालय प्राचार्य शासकीय आदर्श औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था गोविंदपुरा, उमा सक्सेना सहायक ग्रेड-2 कार्यालय अधीक्षण यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा मंडल, अहमद बैग अधीक्षक कार्यालय मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, सुनील कुमार खरे सहायक सांख्यिकी अधिकारी संचालनालय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, हेमंत बहुगुणा डिप्टी मैनेजर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया प्रधान कार्यालय, नाहिद रिजवी शिक्षक शासकीय तात्याटोपे हाईस्कूल पुरानी जेल संकुल महाराणा प्रताप जहांगीराबाद, सावित्री विजय सहायक शिक्षक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोटरा सुल्तानाबाद, मनीषा बेरी उच्च श्रेणी शिक्षक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय निशातपुरा, कहकशा हबीब खान उच्च श्रेणी शिक्षक शासकीय हमीदिया कन्या हाई सेकेण्ड्री स्कूल क्रमांक-1 तथा हरप्रसाद वंशकार प्रधान अध्यापक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हर्राखेड़ा बैरसिया शामिल हैं।

कलेक्टर डॉ. सुदाम खाड़े ने बताया कि उन्होंने विभाग प्रमुखों को जारी पत्रों में स्पष्ट किया गया है कि उक्त सभी अधिकारी-कर्मचारी किसी न किसी बीमारी से पीडि़त होकर निर्वाचन ड्यूटी करने में समर्थ नहीं हैं। इससे यह भी स्पष्ट है कि वे अन्य शासकीय कार्य भी संपादित करने में सक्षम नहीं हैं। प्रदेश शासन द्वारा शासकीय सेवकों के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र क्रमांक सी-311/2017/एक-3 दिनांक 08 नवम्बर 2017 अनुसार 50 वर्ष की आयु अथवा 20 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर शासकीय सेवकों के अभिलेखों की छानबीन कर अनिवार्य सेवानिवृत्ति के संबंध में निर्देशित किया गया है। इन अधिकारियों-कर्मचारियों के विरूद्ध मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार विधि संगत कार्यवाही कर कार्यालय कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी भोपाल को की गई कार्यवाही से अवगत कराया जाए।


Share it
Top