एमपी में अब जाति पूछकर गिरफ्तारी करेगी पुलिस, जाति के आधार पर डीजीपी ने जारी की नई एडवाइजरी

एमपी में अब जाति पूछकर गिरफ्तारी करेगी पुलिस, जाति के आधार पर डीजीपी ने जारी की नई एडवाइजरी


भोपाल। मध्य प्रदेश के थानों में एससी-एसटी वर्ग के साथ हिरासत में मारपीट के मामले बढ़े हैं। प्रदेश के डीजीपी वीके सिंह ने माना है कि कुछ मामलों में एससी-एसटी वर्ग के लोगों के साथ थानों में मारपीट की गई है। डीजीपी ने इसे गंभीरता से लेते हुए मंगलवार रात को सभी जिलों के एसपी को एडवाइजरी जारी की है। जिसमें कहा गया है कि जरूरी हो तभी इस वर्ग के लोगों को हिरासत में लिया जाए और ऐसे मामलों में सतर्कता बरती जाए। साथ ही एससी-एससी वर्ग के लोगों के साथ थानों में अभद्र व्यवहार और मारपीट ना की जाए। अगर ऐसी शिकायत मिलती है तो इसकी जिम्मेदारी उस जिले के एसपी की होगी।

दरअसल मप्र पुलिस ने जाति वाली एडवाइजरी जारी की है। यह एडवाइजरी वर्ग विशेष के लिए पुलिस थानों में जारी की गई है। इसके तहत एससी-एसटी वर्ग के लिए नरम रवैया अपनाया जाएगा और जाति पूछकर ही गिरफ्तारी की जाएगी। डीजीपी वीके सिंह ने सभी जिलों के एसपी को निर्देश दिया है कि बहुत जरूरी हो तब वर्ग विशेष के लोगों को हिरासत में लिया जाए। हिरासत में लेने के दौरान उनसे मारपीट और दुव्र्यवहार बिल्कुल नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर ऐसी शिकायत मिलती है तो इसकी जिम्मेदारी उस जिले के एसपी की होगी।

डीजीपी की एडवाइजरी पर गृह मंत्री बाला बच्चन का कहना है कि जाति पूछकर कार्रवाई नहीं की जा सकती, इस संबंध में आज डीजीपी के साथ मीटिंग करूँगा। हालांकि पूरे देश में इस तरह की बात आई है कि एससी/एसटी वर्ग के साथ इस तरह के मामले आए हैं, उसको लेकर कहा गया होगा, अगर ऐसा ऑर्डर है तो देखता हूं। वहीं पत्रकारों द्वारा एडवाइजरी सही या गलत यह सवाल पूछने पर गृह मंत्री सवाल टाल गए।

भाजपा विधायक विश्वास सारंग ने बोला गृह मंत्री पर हमला

पुलिस द्वारा जारी एडवाइजरी को लेकर पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक विश्वास सारंग ने गृह मंत्री बाला बच्चन पर हमला बोला है। विश्वास सारंग ने कहा कि प्रदेश में पदस्थ सभी जिलों के एसपी के नाम गृह मंत्री को पता नहीं है। प्रदेश का गृह मंत्रालय सीएम हाउस से चल रहा है। गृह मंत्री बाला बच्चन प्रदेश के 3 आईजी के नाम बताए तब मानें। डीजीपी के पत्र को लेकर विश्वास सारंग ने कहा कि मध्य्प्रदेश की कानून व्यवस्था बहुत खराब है और डीजीपी का पत्र ये साबित भी कर रहा है। सरेराह लोगो को मारा जा रहा है, छोटी छोटी बच्चियों के साथ रेप हो रहा है। फरियादी अगर थाने में जाता है तो उसके साथ भी दुर्व्यवहार हो रहा है। अगर डीजीपी ने ऐसा पत्र लिखा है तो कुछ न कुछ ऐसा है जो गलत है, मुख्यमंत्री को सामने आकर इसका जबाब देना चाहिए।

पूर्व डीजीपी नंदन दुबे ने कहा: सभी के साथ कानून के तहत कार्रवाई हो

डीजीपी की एडवाइजरी पर पूर्व डीजीपी नंदन दुबे का कहना है कि यह क्लेरिफाई किया जाए कि सभी के साथ कानून के तहत कार्रवाई हो। पुलिस का मूल कर्तव्य यह है कि आप सभी के साथ न्याय करें। एक पक्ष, दो पक्ष के हिसाब से नहीं, कानून के हिसाब से कार्रवाई करें।


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