लोकायुक्त छापाः खरे के फ्लैट से मिले हजारों रुपये नकद..एक अरब से अधिक की बेनामी संपत्ति का पता चला

लोकायुक्त छापाः खरे के फ्लैट से मिले हजारों रुपये नकद..एक अरब से अधिक की बेनामी संपत्ति का पता चला



इंदौर। लोकायुक्त पुलिस के शिकंजे में आने के बाद सहायक आबकारी आयुक्त आलोक खरे के खिलाफ लगातार जांच की जा रही है। इस जांच में अब जहां एक अरब से अधिक की बेनामी संपत्ति का पता चला है, वहीं यह आंकड़ा और भी बढऩे की संभावना है। पहले दिन हुई कार्रवाई में खरे फ्लैट पर ताला लगा था, जिसकी निगरानी किए जाने के बाद यहां पर सर्चिंग की गई। इस सर्चिंग में हजारों रुपये नकदी के साथ ही दस्तावेज भी मिले हैं।

लोकायुक्त पुलिस टीम द्वारा सुबह लगभग 6 बजे आलोक खरे सहायक आबकारी आयुक्त इंदौर के ग्रैंड एग्जॉटिका अपार्टमेंट के सनशाइन टावर स्थित फ्लैट में सर्च कार्रवाई की गई। सर्च के दौरान टीम को फ्लैट से नगद 40 हजार रुपये मिले। बताया जाता है कि यहां से कुछ दस्तावेज भी किए गए हैं। उक्त फ्लैट में आलोक खरे किराएदार के रूप में रह रहे हैं। फ्लैट मालिक की ओर से उक्त फ्लैट फर्निश्ड एवं सुसज्जित है। अत: टीम द्वारा इस संबंध में मकानमालिक- किराएदार के अनुबंध दस्तावेज जप्त किए, जिसमें फ्लैट में फर्निश्ड सामान की सूची की पुष्टि कर किराया अनुबंध दस्तावेज जब्त किए गए।

छापे की कार्रवाई के दौरान आलोक खरे के आईडीए की व्यवसायिक स्कीम न. 78 पार्ट टू में प्लाट होने की बात सामने आई। डॉ. शर्मा की टीम मौके पर पहुंची तो वहां करीब 6 हजार वर्ग फीट का प्लाट मिला। प्लाट खरे की पत्नी के नाम है। इंदौर के सहायक आबकारी आयुक्त नरेश चौबे के ट्रांसफर के बाद भोपाल से सहायक आबकारी आयुक्त आलोक खरे को इंदौर सहायक आबकारी आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई थी। अपने पद का दुरुपयोग करते हुए खरे ने क्या-क्या गुल खिलाएं और कैसे इतनी संपत्ति बनाई इसका भी इस कार्रवाई में खुलासा होगा।

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