शव पर चीटियां लगने पर लापरवाही सामने आई, सिविल सर्जन सहित पांच पर गिरी गाज


सोशल मीडिया में मामला सुर्खियोंं में आने के बाद कलेक्टर सहित अधिकारी पहुंचे अस्पताल

स्थानीय कांग्रेसी भी पहुंचे अस्पताल, जताई नाराजगी

शिवपुरी। शिवपुरी जिले के जिला अस्पताल में एक शव पांच घंटे तक बेड पर पड़े रहने व शव की आंखों पर चीटियां लगने के मामले में कलेक्टर अनुग्रहा पी ने पांच लोगों पर कार्रवाई की है। कलेक्टर ने बताया कि जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ पीके खरे को सस्पेंड कर दिया गया है । साथ ही इलाज में लापरवाही दिखाने वाले डाक्टर डॉ दिनेश राजपूत सहित तीन स्टॉफ नर्सों को भी सस्पेंड कर दिया गया है। जांच करने पहुंची कलेक्टर अनुग्रहा पी ने बताया कि कमिश्नर के निर्देश पर सिविल सर्जन को सस्पेंड किया गया है।

गौरतलब है कि मंगलवार को शिवपुरी अस्पताल में डॉक्टर और नर्सों की बड़ी लापरवाही सामने आई । जिला अस्पताल में भर्ती एक मरीज बालचन्द लोधी की इलाज के दौरान मौत हो जाने के बाद उसका शव अस्पताल के बेड पर ही 5 घंटे तक पड़ा रहा। लापरवाही की हद यहां तक रही कि जब बेड पर शव घंटों पड़ा रहा उस समय शव की आंखों में चीटियां लग गईं थी । मानवता को शर्मसार कर देने वाली इस घटना के बाद जब मृतक की पत्नी अस्पताल के बेड पर पहुंची तब उसने शव की आंखों से चीटियां हटाई। जब मामला मीडिया में आया तो मप्र के सीएम कमलनाथ ने ट्वीट कर इस मामले में नाराजगी जाहिर करते हुए लापरवाही की इस घटना को शर्मनाक बताया है। मीडिया में मामला सुर्खिंयों में आने के बाद आनन-फानन में कलेक्टर, एसपी सहित अन्य अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे और जांच में जुट गए। कलेक्टर ने जिला अस्पताल के स्टाफ और अन्य अधिकारी से बैठक ली और इस मामले में बयान लिया।

दो दिन से भर्ती था मरीज बालचंद

टीबी के मरीज बालचन्द लोधी का शिवपुरी के जिला अस्पताल में इलाज चल रहा था और मंगलवार को उसने दम तोड़ दिया था। मरीज की मौत के बाद भी डॉक्टर्स ने शव को वार्ड के बेड से नहीं हटाया. जिसकी वजह से उसके शरीर पर चींटियां चढ़ गईं.। बाद में जब उसकी पत्नी रामश्री को बुलाया गया और उसने रोते हुए पति बालचंद्र की आंखों से चीटियां हटाईं । पत्नी रामश्री ने बताया कि वह घर में अकेली थी इसलिए सोमवार शाम को अस्पताल में भर्ती पति को बेड पर छोड कर घर चली गई थी। मंगलवार की सुबह सूचना मिली की पति की मौत हो गई। बाद में परिजन जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर शव को ले गए।

मामला सुर्खियोंं में आया तब कलेक्टर सहित अन्य अधिकारी पहुंचे अस्पताल

मानवता को शर्मसार कर देने का यह मामला मीडिया में आया तो अब मप्र के सीएम कमलनाथ ने ट्वीट कर इस मामले में नाराजगी जाहिर करते हुए इस लापरवाही को शर्मनाक बताया है। मीडिया में मामला सुर्खिंयों में आने के बाद आनन-फानन में कलेक्टर, एसपी सहित अन्य अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे और जांच में जुट गए। कलेक्टर ने जिला अस्पताल के स्टाफ और अन्य अधिकारी से बैठक ली और इस मामले में बयान लिये ।

सीएम ने किया ट्वीट कहा- घटना बेहद संवेदनहीनता की परिचायक

शिवपुरी के जिला अस्पताल में हुई इस घटना के बाद मामला संज्ञान में आने पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने घटना के जांच के आदेश, जांच में दोषी और लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बुधवार को उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'शिवपुरी में जिला अस्पताल में एक मरीज की मौत होने पर उसके शव पर चींटियां चलने व इस घटना पर बरती गयी लापरवाही की घटना बेहद संवेदनहीनता की परियाचक है और ऐसी घटनाएं मानवता व इंसानियत को शर्मसार करती है, बर्दाश्त कतई नहीं की जा सकती है. घटना के जांच के आदेश, जांच में दोषी व लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

ज्योतिरादित्य के निर्देश के बाद स्थानीय कांग्रेसी भी पहुंचे अस्पताल, जताई नाराजगी

कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी घटना पर दुख जताया है । उन्होंने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट को निर्देश दिया कि उक्त घटना के लिए जो भी डॉक्टर या कर्मचारी जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के निर्देश के बाद आनन-फानन में स्थानीय कांग्रेस नेता जिसमें कांग्रेस जिलाध्यक्ष बैजनाथ सिंह यादव, प्रदेश कांग्रेस महासचिव हरवीर रघुवंशी, प्रदेश सचिव विजय शर्मा, कार्यकारी जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन जिला अस्पताल पहुंचे और इस असंवेदनशील रवैया पर सीएमएचओ डॉ एएल शर्मा, अपर कलेक्टर आरएस बालोदिया सहित अन्य अधिकारियों को आड़े हाथों लिया।


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