नक्सलियों ने विज्ञप्ति जारी कर छतीसगढ़ के मंत्री कवासी को बताया धोखेबाज,भूपेश सरकार को बताया वादाखिलाफी वाली सरकार

नक्सलियों ने विज्ञप्ति जारी कर छतीसगढ़ के मंत्री कवासी को बताया धोखेबाज,भूपेश सरकार को बताया वादाखिलाफी वाली सरकार


नक्सलियो ने जारी किया प्रेस विज्ञप्ति

सुकमा। सुकमा जिले में नक्सलियों के द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर छतीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री को धोखेबाज बताते हुए कहा गया है की चुनाव के पहले आदिवासी हितैषी होने का ढिंढोरा पीटने वाले ढोंगी, आदिवासियों का गद्दार, धोखेबाज कवासी लखमा सत्ता में बैठते ही आदिवासियों के जल-जंगल-जमीन व संसाधनों को कौड़ियों के भाव देशी, विदेशी पूंजीपतियों के हवाले करने के लिए स्वयं उद्योग मंत्री बन बैठे हैं। फर्जी मुठभेड़ों का विरोध करना तो दूर उन्हें अंजाम देने वाले डीआरजी गुंडों को ईनाम व आउट ऑफ टर्न यानी उनकी 'बहादुरी' को देखते हुए समय से पहले ही प्रमोशन दे रहा है। उसी की देखरेख में छत्तीसगढ़ भू अर्जन, पुनर्वास, पुनर्व्यवस्थापन कानून, 2019 पास कराया गया है जोकि राज्य के किसानों, दलितों व आदिवासियों की जमीनों, जंगलों, खदानों को छीनकर पूंजीपतियों के हवाले करने के लिए ही बनाया गया है। आदिवासियों को दहशत में डालकर खनन परियोजनाओं जैसे नंदराज पहाड़ से लेकर उत्तर में हाहलादी, मानपुर तक एवं वृहद बांध परियोजनाओं को शुरु कराने के लिए ही फर्जी मुठभेड़ों व मुठभेड़ों, गिरफ्तारियों, गांवों पर हमलों, अत्याचारों, जनता की बेदम पिटाई का सिलसिला जारी है।

दक्षिण बस्तर डिविजनल कमेटी के सचिव विकास ने प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया है कि है कि 14 सितंबर को कोतागुड़ा गांव, चिंतलनार पंचायत, सुकमा जिला के ग्रामीण अपने गांव के पुजारी को चुनने के लिए अपनी परंपरा के अनुसार शिकार करने जंगल में गए थे। जंगली सुअर जो शिकार के दौरान घायल हुआ था ,का पीछा करने के दौरान चिंतलनार थाना अंतर्गत के बुर्कापाल कैंप से गश्त पर निकली डीआरजी के बैच ने ग्रामीणों पर अंधाधुंध गोलीबारी करके तीन ग्रामीणों – सोड़ी देवाल, मुचाकी हड़मा, मुचाकी हिड़मा की निर्मम हत्या की। इनमें से सोड़ी देवाल की घटना स्थल पर ही मौत हुई जबकि दो अन्य ग्रामीणों को घायल अवस्था में पकड़कर उन्हें यातनाएं देकर पुलिस ने उनकी जघन्य हत्या की। घायल अवस्था में पकड़े गए ग्रामीणों की हत्या करने में डीआरजी तिम्मापुरम के नूपा भीमाल- डांका की मुख्य भूमिका सामने आयी, जिसे क्रांतिकारी जनता कभी माफ नहीं करेगी। इस घटना में घायल बाड़से जोगा सहित पांच ग्रामीणों को पकड़कर थाना ले जाकर बेदम पिटाई के बाद छोड़ दिया गया। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की दक्षिण बस्तर डिविजनल कमेटी इस फर्जी मुठभेड़ की कड़े से कड़े शब्दों में निंदा करती है।नक्सली प्रेस विज्ञप्ति में एसटीएफ जवानों एवं अधिकारियों को कड़ी से कड़ी सजा देने एवं डीआरजी को रद्द करने की मांग की गई है ।


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