दो मुस्लिम बच्चों ने घर से भागकर की गणेश स्थापना, चाइल्डलाइन ने किया परिजनों के हवाले

दो मुस्लिम बच्चों ने घर से भागकर की गणेश स्थापना, चाइल्डलाइन ने किया परिजनों के हवाले


कोरबा । शहर के शारदा विहार रेलवे फाटक से थोड़ी ही दूर पर बने फुटपाथ पर एक झोपड़ीनुमा पंडाल नजर आता है। भीतर गणेश जी की मूर्ति भी स्थापित है और पूजन के सामान भी रखे हुए हैं। पहली नजर में आपको लगेगा कि यह गणपति स्थापना मोहल्ले के ही बच्चों ने की होगी, लेकिन ऐसा नहीं है, क्योंकि गणेश बिठाने वाले कोई और नहीं बल्कि कुआंभट्ठा इलाके के दो दोस्त रमजान और मुबारक हैं। इन दोनों को शारदा विहार फाटक के पास का कोई भी शख्स न हीं जानता था और ना ही पहचानता था बावजूद दोनों ने आसपास के घरों से चंदा इकट्ठा किया और गणपति की स्थापना कर ली। मोहल्ले के लोग अब हर दिन गणेश जी की पूजा अर्चना करते हैं।

वही रमजान और मुबारक को भी दो वक्त का खाना मुहैया कराते हैं। दोनों बच्चे पंडाल के भीतर ही सोते हैं और मूर्ति की देखरेख करते हैं। कहते हैं बचपन का जुनून न हीं धार्मिक मान्यताओं को समझता और न ही मजहबी मजबूरियों को मानता। वह अपने हर खेल में बस अपने बचपने को ही जिंदा रखता है। ठीक ऐसी ही कहानी रमजान और मुबारक की भी है। रमजान का दावा यह भी है कि उसे सपने में गणेश जी नजर आते थे और तभी से उसने गणेश बिठाने की ठान ली थी, हालांकि उसके परिजन इसके लिए तैयार नहीं थे। लेकिन रमजान के सिर पर मानो इस बात का भूत सवार था। वह जानता था कि घर या फिर घर के आस-पास गणेश स्थापना कर पाना मुश्किल होगा लिहाजा उसने अपने दोस्त मुबारक को साथ लिया और फिर गणपति स्थापना के लिए कोई मुफीद जगह ढूंढने निकल पड़ा। इधर मोहल्ले से दो-दो बच्चों के गायब रहने के बाद उनके परिजनों के हाथ पांव फूल गए। वह अपने बच्चों को ढूंढते रहे लेकिन वह नजर नहीं आए। रमजान की मां के मुताबिक उसके पिता ने रमजान को किसी बात के लिए फटकार भी लगाई थी, जिसके बाद वह और मुबारक कहीं चले गए थे। मंगलवार को इसकी जानकारी किसी ने चाइल्डलाइन को दे दी और फिर वह पंडाल पर पहुंचे। उन्होंने रमजान और मुबारक दोनों को उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया है जबकि अब पंडाल की देखरेख शारदा विहार फाटक के पास के लोग कर रहे हैं।


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