शपद लेने से पहले कमलनाथ सरकार के खिलाफ धरने पर बैठीं सांसद संध्या राय

शपद लेने से पहले कमलनाथ सरकार के खिलाफ धरने पर बैठीं सांसद संध्या राय


76 दिन पहले हुआ था भिंड से नाबालिग का अपहरण

-पूर्व विधायक नरेन्द्र सिंह भी धरना स्थल पर पहुंचे, पीड़ित परिजनों को दिया समर्थन

ग्वालियर। प्रदेश में कमलनाथ की सरकार आने के बाद से कानून व्यवस्था की स्थिति खराब हो गई है। 76 दिन पहले भिंड शहर में ट्यूशन पढ़ने घर से निकली नाबालिग बालिका का रास्ते से अपहरण कर लिया गया था, लेकिन पुलिस अभी तक उसकी खोज-खबर नहीं ले पाई है। पुलिस पर दबाव बनाने के लिए परिजनों द्वारा शुरू किए गए धरने के दूसरे दिन मंगलवार को भिंड सांसद संध्या राय भी एसपी ऑफिस के समीप चल रहे धरना स्थल पर पहुंचीं और उन्हें अपना नैतिक समर्थन दिया। पूर्व विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाह ने भी कहा है कि अपहृत बालिका का अविलंब पुलिस पता नहीं कर पाई तो पुलिस की ईंट से ईंट बजा दी जाएगी।

सांसद राय ने कहा कि नाबालिग बालिका को गायब करने वाले जो भी लोग हैं, उन्हें पुलिस तुरंत गिरफ्तार करे और बालिका को सुरक्षित लेकर आए। उन्होंने कहा कि मुझे पता चला है कि कतिपय राजनीतिक और अन्य दबाव के आगे पुलिस नतमस्तक हो चुकी है। गत 18 मार्च को उनकी नाबालिग बेटी घर से ट्यूशन पढ़ने निकली थी और गायब हो गई। बालिका के परिजन स्थानीय पुलिस अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और पुलिस हेडक्वार्टर तक गुहार लगा चुके हैं लेकिन सुनवाई अभी तक नहीं हुई। बेटी को लेकर चिंतित परिजनों को दूसरी बार एसपी ऑफिस के समीप 47 डिग्री तापमान के नीचे जमीन पर बैठना पड़ा।

परिजनों का कहना है कि धरना निरंतर जारी रहेगा। धरना स्थल पर भाजपा नेता रक्षपाल सिंह ने हिस से कहा कि भाजपा इस मामले में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। राजेश सिंह ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि सात दिन पहले भी परिजनों ने धरना दिया था तब पूर्व विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाह के आग्रह और पुलिस अधिकारियों के निवेदन पर धरना स्थगित कर दिया था । उस वक्त पुलिस ने तीन दिन में कारगर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक उन्होंने कुछ पता नहीं किया है । इस कारण परिजनों को सोमवार से दूसरी बार धरना शुरू करना पड़ा है। वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालयों में भेजे गए आवेदनों में दीपिका के परिजनों ने समीप के एक युवक पर संदेह जाहिर करते हुए उसके खिलाफ देहात थाना पुलिस में शिकायत की थी।

युवक की मिसिंग पहले ही दर्ज थी: खास बात है कि बालिका के परिजन जब विष्णु शर्मा पर संदेह जाहिर कर रहे थे तो पुलिस उसकी ही मिसिंग दर्ज होना बता दिया। राजेश सिंह का कहना है कि यह सबकुछ सुनियोजित तरीके से रचा गया षड़यंत्र है। विष्णु द्वारा अपना मोबाइल घर पर छोड़ जाना, परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा मोबाइल बदल लेना। षड़यंत्र की ओर इशारा कर रहे हैं।

एक थानेदार और रेत माफिया की मिलीभगत : सीआरपीएफ जवान ने पुलिस के ही एक थानेदार और रेत माफिया से जुड़े कतिपय लोगों पर भी संदेह व्यक्त किया है, लेकिन पुलिस अधीक्षक रूडोल्फ अल्वारेस द्वारा कोई कारगर कार्रवाई अभी तक नहीं दिखी है। बहरहाल प्रदेश में कमलनाथ सरकार आने के बाद से जिस तरह से लड़कियां गायब हो रहीं हैं या उन्हें दुराचार का शिकार बनाया जा रहा है, उससे लोगों में नाराजगी बढ़ने लगी है।


Share it
Top