पचोर बालिका छात्रावास की तीन छात्राओं ने खाया जहर

पचोर बालिका छात्रावास की तीन छात्राओं ने खाया जहर


राजगढ़ | राजगढ़ जिले के पचोर में शासकीय बालिका छात्रावास में शनिवार को देर शाम कक्षा आठ में पढ़ने वाली तीन छात्राओं ने चूहा मारने की डायमंड ब्रांड की दवा खाकर आत्महत्या की कोशिश की। उन्हें उल्टियां आने की स्थिति में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पचोर ले जाया गया, जहां डॉ. सीके चंदैया ने देर रात प्राथमिक उपचार उपरान्त तीनों छात्राओं को एहतियात के तौर पर राजगढ़ भेज दिया।

थाना प्रभारी पचोर एसएस यादव ने छात्राओं के नाम ज्योति पिता सूरजसिंह सोंधिया निवासी बापची, मधु पिता अनूप जायसवाल निवासी भण्डावद, सुनीता पिता रोडमल वर्मा निवासी सेमली धाकड़ बताए हैं। छात्राओं को राजगढ़ भेजने के पूर्व पचोर तहसीलदार ने पीड़ित छात्राओं के बयान दर्ज किए हैं। हालांकि बयान अभी सार्वजनिक नहीं किए हैं, स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस तरह बयान लिए गए हैं, वे संदिग्ध हैं। छात्राओं ने जहर क्यों खाया, ऐसे हालात क्यों बनें, इस बात की पड़ताल जारी है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बयान लेते समय तहसीलदार को सावधानी बरतनी चाहिए थी। तहसीलदार ने कहा भी कि बयान अकेले में सिर्फ महिला पुलिस कर्मी की मौजूदगी में दर्ज होने चाहिए, परन्तु इस मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध नजर आई, लेकिन छात्रावास वार्डन के रिश्तेदार एवं अन्य कई संदिग्ध जिनसे बयान प्रभावित हो सकते हैं कमरे में ही रहे। पुलिस ने पत्रकारों को बताया कि छात्रावास की कौशल्या यादव छात्राओं को प्रताड़ित करती थी, छात्रावास की वार्डन हेमलता पच्चीसीया हैं और घटना के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दोनों पति पत्नी मौजूद थे।

छात्राओं को उपचार के लिए राजगढ़ भेजा गया है। नागरिकों ने कहा कि छात्राओं की असलियत सामने लाने के लिए छात्राओं के बयान दोबारा महिला पुलिसकर्मी के सामने बयान दर्ज होना चाहिए। मामले में कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने डीपीसी के. नागर को वार्डन, सहायक वार्डन पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं |


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