जीवन रक्षक दवाओं की आड़ में मादक पदार्थों की तस्करी का भंडाफोड़, 22 हजार टेबलेट्स जब्त

जीवन रक्षक दवाओं की आड़ में मादक पदार्थों की तस्करी का भंडाफोड़, 22 हजार टेबलेट्स जब्त


नई दिल्ली। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की दिल्ली यूनिट ने गुरुग्राम की एक ऐसी कंपनी का पर्दाफाश किया है, जो जीवन रक्षक दवाएं बनाने की आड़ में मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त थी। मादक पदार्थ को टैबलेट्स और कैप्सूल की तरह पैक कर अमेरिका, यूके, यूरोप, हंगरी समेत कई अन्य देशों में भेजा जाता था। कंपनी के मालिक ने विदेशों में मादक पदार्थ खपाने वाले तस्करों से इंटरनेट और कॉल सेंटर के माध्यम से संपर्क करता था और बाद में दवा के रूप में पैक कर विदेश भेजा करता था।

एनसीबी ने करीब 22410 टैबलेट्स जब्त किये हैं और कंपनी के मालिक अमित कुमार को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई कर रही है। एनसीबी के अनुसार बीते दो अगस्त को सूचना मिली थी कि गुरुग्राम की जेटेक सॉफ्टटेक और फर्मा ग्लो नामक दवाई बनाने वाली कंपनी विदेशों में टैबलेट्स और कैप्सूल भेजने की आड़ में नशीले पदार्थ को पैक कर भेजती है।

सूचना मिलने के बाद एनसीबी की एक टीम विदेश जाने वाले पार्सल की जब जांच की तो 44 नंबर पार्सल से भारी मात्रा में टैबलेट्स बरामद हुई, जो यूरोप, अमेरिका, यूके और हंगरी भेजे जा रहे थे। आगे की जांच में पुलिस को पता चला कि यह पार्सल गुरुग्राम में दवाई बनाने वाली कंपनी जेटेक सॉफ्टेक और फर्मा ग्लो की है। कंपनी के मालिक का नाम अमित कुमार है। बाद में एनसीबी ने अमित कुमार को हिरासत में ले लिया। जांच में पता चला कि यह पहली बार पार्सल नहीं भेजा जा रहा था। इससे पहले भी कई बार पार्सल कंपनी ने भेजे हैं।

जांच में कई ऐसे दस्तावेज हैं, जो हैरान करने वाले थे। विभिन्न सरकारी संस्थाओं के 17 स्टांप मिले हैं। साथ ही 62 स्टांप विभिन्न बैंकों, अस्पतालों और दवाई बनाने वाली कंपनियों के मिले हैं। पूछताछ में पता चला कि यह पूरी तरह से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मादक पदार्थ को विदेश भेजने का काला धंधा संचालित किया जा रहा था।


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