विधानसभा चुनाव : इनेलो ने ईवीएम पर जताई आपत्ति, मतपत्र से चुनाव कराने की मांग

विधानसभा चुनाव : इनेलो ने ईवीएम पर जताई आपत्ति, मतपत्र से चुनाव कराने की मांग


चंडीगढ़। कांग्रेस से लेकर क्षेत्रीय दल ईवीएम से चुनाव पर संदेह की अंगुली उठा रहे हैं। कई बार राजनीतिक दल मतपत्र से चुनाव कराने की मांग को लेकर चुनाव आयोग के समक्ष मुद्दा उठा चुके हैं। अब हरियाणा के क्षेत्रीय दल इंडियन नेशनल लोकदल एक बार फिर ईवीएम पर आपत्ति जताते हुए मत-पत्र से चुनाव कराने की मांग की है।

बुधवार को चंडीगढ़ में मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा की अध्यक्षता में आयोजित राजनीतिक दलों की बैठक में इनेलो ने यह मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि बदलते समय में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, मगर इन चुनौतियों का समाधान भी जरूरी है। ईवीएम से चुनाव के पक्ष में राजनीतिक दल नहीं हैं, इसलिए चुनाव आयोग के पास मत-पत्र का विकल्प है, जिसे आसानी से गिना भी जा सकता है।

नीति एवं कार्यक्रम कमेटी के चेयरमैन डॉ. एमएस मलिक ने चुनाव आयोग को लिखे पत्र में बताया कि देश के सभी राजनीतिक दल ईवीएम से चुनाव पर चिंता जता चुके हैं, क्योंकि समय-समय पर इसकी प्रभावकारिता पर संदेह उठ रहा है। लोकतंत्र में चुनाव गंभीर एवं महत्वपूर्ण होते हैं, जो पूरी पारदर्शिता एवं ईमानदारी के साथ आयोजित किए जाने चाहिए।

इनेलो की मांग है कि हरियाणा चुनाव में ईवीएम प्रक्रिया को स्थगित कर मत-पत्र से चुनाव कराए जाएं। इनेलो के साथ अन्य राजनीतिक दल भी इसके हक में हैं। इसके अतिरिक्त इनेलो ने सभी राजनीतिक दलों को एक समान प्ले फील्ड देने की मांग के साथ सरकार की ओर से जारी विज्ञापनों पर भी निगरानी रखने की मांग की है। सर्वेक्षणों एवं रुझानों के आधार पर विशेष पार्टी की ओर से मतदाताओं का प्रभावित करने पर भी रोक लगाने का मुद्दा इनेलो ने उठाया है।

लोकतंत्र के लिए सोशल मीडिया को खतरा बताते हुए सोशल मीडिया के उपयोग पर अंकुश लगाने के साथ अनावश्यक साइटों पर रोक लगाने की मांग की। इसके अतिरिक्त् संवेदनशील बूथों पर सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और मतदाताओं को डराने या मतदान करने से न रोका जाए, क्योंकि वोट डालने का अधिकारी सभी को है। आयोग की ओर से केंद्रीय बलों को निर्देश दिए जाएं कि निष्पक्ष एवं पारदर्शिता के आधार पर ड्यूटी का निर्वहन करें।


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