सुमित्रा चौहान के इस्तीफ़े ने हुड्डा, तंवर, किरण व अन्य को धर्म संकट में डाला

सुमित्रा चौहान के इस्तीफ़े ने हुड्डा, तंवर, किरण व अन्य को धर्म संकट में डाला


चंडीगढ़ । एक तरफ जहां गुटबाजी की शिकार हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के नेताओं में आपस में जूतम पैजार हो रही है, वहीं हरियाणा महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमित्रा चौहान ने मास्टर स्ट्रोक खेलते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। चौहान ने यह इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के समर्थन में दिया है।

दिलचस्प बात यह है कि राहुल गांधी द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद हरियाणा में अशोक तंवर तथा भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा इस्तीफा वापस लेने के लिए अलग-अलग प्रस्ताव पारित किए गए हैं वहीं हरियाणा महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमित्रा चौहान ने राहुल गांधी के समर्थन में अपने पद से इस्तीफा देकर प्रदेश के सभी कांग्रेसियों के समक्ष नई राजनीतिक लाइन खींच दी है।

सुमित्रा चौहान को हरियाणा में महिला कांग्रेस की कमान 19 फरवरी, 2014 को सौंपी गई थी। उनके कार्यकाल के दौरान हरियाणा में महिला कांग्रेस ने कई प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम तथा प्रदेश स्तरीय यात्राओं का भी आयोजन किया। हरियाणा में पुरुषों की कांग्रेस पार्टी जहां पांच साल से आपसी कलह व गुटबाजी में फंसी हुई है वहीं महिला कांग्रेस ने कई ऐसे कार्यक्रम किए, जिन्हें अन्य प्रकोष्ठों द्वारा लागू किया गया।

हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव के परिणाम से आहत सुमित्रा चौहान ने पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुष्मिता देव को भेजे इस्तीफा में कहा है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान महिला कांग्रेस को प्रदेश में पूरी तरह से स्थापित करने और अधिक से अधिक महिला कार्यकर्ताओं को पार्टी के साथ जोडऩे का प्रयास किया है। राहुल गांधी से इस्तीफा वापस लिये जाने की मांग करते हुए सुमित्रा चौहान ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने पूरी मेहनत के साथ चुनाव लड़ा। परिणाम के लिए कोई एक व्यक्ति विशेष नहीं, बल्कि हालात जिम्मेदार थे। इस चुनाव परिणाम के बाद राहुल गांधी के नेतृत्व में सभी को एकजुटता के साथ काम करने की जरूरत है। राहुल गांधी को बिना किसी देरी के इस्तीफा वापस लेना चाहिए। सुमित्रा चौहान ने कहा कि जब तक राहुल गांधी अध्यक्ष पद स्वीकार नहीं करते तब तक वह कांग्रेस पार्टी में कोई पद स्वीकार नहीं कर सकती।


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