दो लाख के ईनामी कुख्यात बदमाश महेश की छत से कूदने पर मौत...पुलिस की दबिश से बचने के लिये कूदा था छत से

दो लाख के ईनामी कुख्यात बदमाश महेश की छत से कूदने पर मौत...पुलिस की दबिश से बचने के लिये कूदा था छत से

पानीपत। हरियाणा में पानीपत के समालखा कस्बे में दिल्ली के कुख्यात बदमाश महेश उर्फ ठेकेदार की एक घर की छत से नीचे कूदने पर मौत हो गयी। महेश की गिरफ्तारी पर दिल्ली पुलिस ने दो लाख रुपये का ईनाम रखा हुआ था।

घटनास्थल पर मौजूद दिल्ली पुलिस की टीम के अनुसार अपराध शाखा ने सोमवार को कुख्यात अपराधी दीपक निवासी प्रहलादपुर, दिल्ली को गिरफ्तार किया था। उसने पुलिस को बताया कि महेश और विजय निवासी गांव प्रहलादपुर, दिल्ली, सुरेंद्र उर्फ केरा निवासी गांव बख्तावरपुर, सोनीपत, हरियाणा कल देर रात पानीपत के समालखा कस्बा में सावन के घर जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने के लिए आने वाले हैं। इस जानकारी के आधार पर कल देर रात दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दीपक की निशानदेही पर सावन के घर पर छापा मारा। उस समय उसके घर पर शराब पार्टी चल रही थी। पार्टी में कुख्यात महेश, विजय एवं सुरेंद्र और सावन मौजूद थे। वहीं पुलिस से बचने के लिए महेश ने घर की पहली मंजिल की छत से पीछे की गली में छलांग लगा दी। शराब के नशे में धुत्त महेश सिर के बल मोटरसाइकिल पर गिरा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। दिल्ली पुलिस की टीम ने सावन के घर से कुख्यात अपराधी विजय उर्फ विनय और सुरेंद्र उर्फ केरा को गिरफ्तार कर लिया, जबकि सावन फरार होने में कामयाब हो गया। पुलिस ने बताया कि पकड़ा गया कुख्यात विजय दिल्ली के बड़े करोबारी शंभू के पुत्र के अपहरण एवं करोड़ों की फिरौती वसूलने के मामले में उम्रकैद सजायाफ्ता है। जबकि कुख्यात सुरेंद्र हत्या के मामले में उम्रकैद सजायाफ्ता है। विजय और सुरेंद्र पैरोल पर जेल से रिहा होने के बाद फरार हो गये थे। वहीं दिल्ली की पुलिस ने कुख्यात विजय की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया था। अदालत ने विजय व सुरेंद्र की गिरफ्तारी के आदेश दे रखे थे और पुलिस काफी समय से महेश, सुरेंद्र एवं विजय की तलाश में जुटी थी। पुलिस ने जांच के बाद जहां महेश के शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए पानीपत के सिविल अस्पताल भिजवा दिया। वहीं कुख्यात विजय एवं सुरेंद्र को कड़ी सुरक्षा के बीच कागजी कार्यवाही करने के बाद दिल्ली ले जाया गया। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के डीसीपी जॉय ट्रकी ने आज उपरोक्त घटना की मीडिया को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महेश कुख्यात पेशेवर अपराधी था और अपहरण एवं फिरौती वसूलने के मामले में भगौड़ा था। उसकी गिरफ्तारी पर दो लाख का ईनाम घोषित था, जबकि गिरफ्तार किये गये कुख्यात विजय पर 50 हजार का ईनाम था।

Share it
Top