राफेल घोटाला इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला : माकन

राफेल घोटाला इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला : माकन



चंडीगढ़। दिल्ली कांग्रेस समिति के अध्यक्ष अजय माकन ने आज यहां आरोप लगाया कि राफेल घोटाला देश के इतिहास में सबसे बड़ा घोटाला है। यहां एक संवाददाता सम्मेलन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर देश की सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप लगाते हुए श्री माकन ने कहा कि मौजूदा सरकार देश के सुरक्षा हितों के साथ खेल रही है और यह देश के हितों के संबंध में समझौता कर रही है।

श्री माकन ने कहा कि पिछली कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के कार्यकाल में अगस्त 2007 में भारतीय वायु सेना ने मीडियम मल्टी रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट की आवश्यकता से संबंधित एक अनुरोध सरकार को भेजा था और इसमें 126 लड़ाकू विमान खरीदने का प्रस्ताव था। उन्होंने बताया कि 18 लड़ाकू विमान भारत पहुंच गए थे और 108 अन्य विमान प्रौद्यौगिकी के हस्तांतरण से हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, बंगलुरू द्वारा भारत में तैयार करने थे।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के साथ हुए 126 विमानों के करार की जगह मोदी सरकार अब सिर्फ 36 लड़ाकू विमान खरीद रही है जिनकी कीमत बहुत ज्यादा रखी गई है और यह आम लोगों की जेब पर डाका है। उन्होंने बताया कि पिछली सरकार के समय इन लड़ाकू जहाजों की कीमत प्रति विमान सिर्फ 526.10 करोड़ रुपए तय हुई थी परंतु मोदी सरकार के समय में यह कीमत बढ़कर प्रति विमान 1670 करोड़ रुपए तक बढ़ गई।

कांग्रेसी नेता ने इस संबंध में प्रधानमंत्री पर अपनों को लाभ पहुंचाने के लिए 'घोर पूंजीवाद' को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और कहा कि अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफेंस सर्विस लिमिटेड को 30 हजार करोड़ रुपए का ठेका दे दिया गया जो कि फ्रांस के साथ श्री मोदी की तरफ से करार का ऐलान करने के केवल 15 दिन पहले बनाई गई थी। उन्होंने कहा कि अगर यह ठेका पहले की तरह एचएएल के पास रहता तो इससे देश को लाभ होना था और भारत को इन विमानों की प्रौद्यौगिकी भी मिलनी थी।

लोकपाल की नियुक्ति में देरी करने के लिए केंद्र सरकार की तीखी आलोचना करते हुए श्री माकन ने कहा कि मोदी सरकार राफेल स्कैंडल की जांच के डर से लोकपाल के मुद्दे को टाल रही है। उन्होंने कहा कि यह धोखाधड़ी का बहुत बड़ा मामला है और प्रधानमंत्री खुद इसमें शामिल है।

संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष सुनील जाखड़ भी मौजूद थे। उन्होंने प्रधानमंत्री को केरल बाढ़ के मुद्दे पर राजनीति न करने की सलाह देते हुए कहा कि एक तरफ तो बिहार को एक लाख करोड़ रुपए देने का वायदा किया गया है और दूसरी तरफ केरल की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने बाढ़ से प्रभावित केरल को तुरंत 20 हजार करोड़ रुपए जारी करने की मांग की।


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