अहमद पटेल की जीत को राजपूत ने गुजरात हाई कोर्ट में दी चुनौती

अहमद पटेल की जीत को राजपूत ने गुजरात हाई कोर्ट में दी चुनौती


अहमदाबाद । गुजरात में आठ अगस्त को राज्यसभा की तीन सीटों पर हुए चुनाव में पराजित सत्तारूढ भाजपा के तीसरे उम्मीदवार बलवंतसिंह राजपूत ने आज उनके पक्ष में पडे दो वोटों को रद्द करने के चुनाव आयोग के अधिकार तथा कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव तथा विजेता कांग्रेस प्रत्याशी अहमद पटेल की जीत को चुनौती देते हुए इसे रद्द करने और कथित तौर पर भ्रष्ट आचरण का सहारा लेने के कारण छह साल तक उनके कोई भी चुनाव लडने पर रोक लगाने और स्वयं को विजेता घोषित करने की मांग करते हुए गुजरात हाई कोर्ट में अर्जी दायर कर दी। कांग्रेस में विधायक और सचेतक पद छोड कर 28 जुलाई को भाजपा में शामिल होने के तुरंत बाद सत्तारूढ दल के प्रत्याशी घोषित किये गये राजपूत ने अदालत में दायर अपनी चुनाव अर्जी (इलेक्शन पीटिशन) में चुनाव आयोग द्वारा रिटर्निंग ऑफिसर को उन्हें मिले कांग्रेस के दो बागी विधायकों के वोटों को रद्द करने के लिए दिये गये निर्देश को उसके अधिकार क्षेत्र के बाहर बताया। उन्होंने कहा है कि आयोग रिटर्निंग ऑफिसर के विवेक से लिये निर्णय पर अपने निर्देश थोप नहीं सकता।
इसलिए रद्द किये गये इन दो मतों को उनके पक्ष में गिना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पटेल के पक्ष में वोट देने वाले कांग्रेस के दो विधायकों के मत इस आधार पर रद्द करने की भी मांग की है कि उन्होंने कथित तौर पर अपना बैलेट अन्य लोगों को दिखाया था। सुप्रीम कोर्ट के वकील सत्यपाल जैन के मार्फत आज न्यायमूर्ति एम आर शाह के समक्ष दायर इस याचिका में यह भी कहा गया है कि पटेल ने वोटरों को प्रभावित करने के लिए रिश्वत देने और अन्य भ्रष्ट आचरणों का सहारा लिया है। उन्होंने 44 विधायकों को जबरन बेंगलुरू के एक रिसार्ट में कैद रखा और उनके मनोरंजन पर मोटी रकम खर्च की अौर ऐसी स्थिति में मतदाता विधायकों से उनकी इच्छा के स्वतंत्र इस्तेमाल पर असर पडा। इसलिए उनकी जीत को रद्द किया जाये तथा छह साल तक चुनाव लडने पर रोक लगा दी जाये।
उन्होंने कहा कि पटेल के पक्ष में कांग्रेस के दो मत रद्द होने तथा उनके पक्ष के दो मत गिने जाने पर वह विजेता होते। इसलिए अदालत उन्हें विजेता घोषित करने के निर्देश दे। ज्ञातव्य है कि बेहद तनातनी भरे माहौल में हुए उक्त चुनाव में भाजपा के दो अन्य प्रत्याशी पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंंत्री स्मृति ईरानी प्रथम वरीयता के 46-46 मत लेकर जीत गये थे। तीसरी सीट पर पटेल को ऐसे 44 मत मिले थे जबकि राजपूत को केवल 38 मत ही मिल पाये थे।
कथित तौर पर अन्य लोगों को दिखाने के कारण कांग्रेस के दो बागी विधायकों राघवजी पटेल और भोला गोहिल के मत चुनाव आयोग ने रद्द कर दिये थे। राजपूत की अर्जी पर 21 अगस्त को सुनवाई की संभावना है। लंबे समय से उनके अदालत का दरवाजा खटखटाने की अटकले लग रही थी। उक्त चुनाव में राजपूत के रिश्तेदार तथा बागी पूर्व कांग्रेस नेता शंकरसिंह वाघेला समेत कम से कम आठ कांग्रेस विधायकों ने राजपूत के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की थी।

Share it
Top