कांग्रेस का खेल बिगाड़ने के लिए राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार नहीं बनेंगे वाघेला

कांग्रेस का खेल बिगाड़ने के लिए राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार नहीं बनेंगे वाघेला

गांधीनगर। हाल में कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला आगामी आठ अगस्त को राज्य की तीन राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नहीं उतरेंगे। इस तरह की अटकले लगायी जा रही थीं कि अपने कथित अपमान का बदला लेने के लिए कांग्रेस को इन तीन में से एक सीट वापस लेने से रोकने के लिए वाघेला निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतर सकते हैं।
20 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव की मतगणना में गुजरात में 8 से 11 कांग्रेस विधायकों के क्राॅस वोटिंग का खुलासा होने के एक दिन बाद अपने जन्मदिन 21 जुलाई को वाघेला ने कांग्रेस से इस्तीफे की घोषणा की थी। और तब से ऐसी अटकले भी तेज थीं। लंबे समय से कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व से नाराज वाघेला के खेमे पर ही क्रॉस वोटिंग का संदेह भी जताया गया था हालांकि उन्होंने इस बात से बार बार इंकार किया था। वाघेला के कार्यालय ने आज उनके राज्यसभा चुनाव लडने की बात से साफ तौर पर इंकार किया। वाघेला के मीडिया समन्वयक निखिल देसाई ने आज यूनीवार्ता से कहा कि वाघेला के राज्यसभा चुनाव लडने की दूर दूर तक कोई संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके नेता चुनाव नहीं लडेंगे।
राज्य की जिन तीन सीटों पर चुनाव होने वाला है और जिनके लिए नामांकन की तिथि 21 जुलाई से 28 जुलाई तक है, उनमें से दो भाजपा (केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और दिलीप पंडया) तथा एक कांग्रेस (श्रीमती सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल) के पास है।
तीनों का कार्यकाल 18 अगस्त को समाप्त हो रहा है। इसी वजह से चुनाव हो रहे हैं। कांग्रेस को एक सीट पर जीत के लिए 47 विधायकों के मतों की जरूरत होगी जबकि कांग्रेस के पास तकनीकी रूप से 57 हैं (वाघेला और उनके पुत्र महेन्द्रसिंह वाघेला तथा खुले समर्थक राघवजी पटेल समेत)।
हालांकि 11 विधायकाें की क्रॉस वोटिंग ने आंकडे के खेल को रोचक बना दिया है। 182 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 122 (बागी नलिन कोटडिया समेत) तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दो और जद यू का एक विधायक है। ऐसी अटकलें थीं कि वाघेला अगर निर्दलीय उम्मीदवार बने तो उनके करीबी दो जदयू विधायक तथा कांग्रेस में उनके दर्जन भर समर्थकों के अलावा भाजपा गुपचुप समर्थन दे सकती है ताकि कांग्रेस के खेल को बिगाडा जा सके।

Share it
Top