हार्दिक पर फिल्म बनाने वाले निर्माता का दावा - वाड्रा के सहयोगी इसे खरीद सोशल मीडिया पर करना चाहते हैं वायरल

हार्दिक पर फिल्म बनाने वाले निर्माता का दावा - वाड्रा के सहयोगी इसे खरीद सोशल मीडिया पर करना चाहते हैं वायरल

सूरत। पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल पर बनी गुजराती फिल्म 'पावर ऑफ पाटीदार- वन मैन आर्मी' के निर्माता दीपक सोनी ने आज सनसनीखेज दावा किया कि सेंसर बोर्ड में अटकी इस फिल्म को कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी के दामाद राबर्ड वाड्रा के करीबी दो लोग खरीद कर हार्दिक के माध्यम से सोशल मीडिया में वायरल कराना चाहते हैं।
सोनी में इसकी रिलीज में कथित सरकारी अडंगेबाजी के खिलाफ तथा इसमें मदद की गुहार लगाते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को इसी साल एक पत्र लिख दावा किया था कि भाजपा सरकार इस साल होने वाले गुजरात विधानसभा चुनाव में हार की डर से फिल्म के रिलीज को सेंसर बोर्ड के जरिये रोक रही है।
सोनी ने आज कहा कि लंदन में रहने वाले राजा रेड्डी समेत वाड्रा के एक अन्य करीबी जगदीश शर्मा ने उन्हें ऑफर दिया है कि वह इस फिल्म पर आया खर्च भुगतान करने को तैयार है पर उन्हे इसे हार्दिक के माध्यम से सोशल मीडिया में वायरल करना होगा। वह गत अप्रैल में रेड्डी से दिल्ली में मिले थे और पिछले करीब एक सप्ताह से उनकी फिर से बातचीत हो रही है। उनके ऑफर पर विचार करने से पहले वह यह पता कर रहे हैं कि सेंसर से अनुमति नहीं मिली फिल्म को क्या कानूनन सोशल मीडिया पर वायरल किया जा सकता है। अन्य पहलुओं पर चर्चा के बाद वह कोई निर्णय लेंगे। ज्ञातव्य है कि गुजरात में दिसंबर में चुनाव होने हैं तथा हार्दिक ने भाजपा के विरोध में कांग्रेस को समर्थन देने पर लगभग हामी भर दी है।
सोनी ने गांधी को पत्र में लिखा था कि विपक्ष का प्रमुख नेता होने के कारण उन्हें इस मामले में मदद करनी चाहिए। उन्होंने अपने जीवन की सारी जमा पूंजी इस फिल्म को बनाने में खर्च कर दी है जिसमें पाटीदार आंदोलन की सच्चाई दर्शायी गयी है। ज्ञातव्य है कि अगस्त 2015 में गुजरात में हुए हिंसक पाटीदार आरक्षण आंदाेलन में 14 लोग मारे गये थे।
इसकी पृष्ठभूमि में हार्दिक के जीवन पर बनी इस फिल्म मे बॉलीवुड के नामीगिरामी अभिनेता रजा मुराद ने भी भूमिका निभायी है। सोनी ने बताया कि इस फिल्म को दो माह में ही पूरा कर लिया गया था। सेंसर बोर्ड की ओर से मंजूरी नहीं मिलने पर उन्होंने इसके खिलाफ गुजरात हाई कोर्ट का दरवाजा भी खटखटा रखा है और यह मामला अभी लंबित है।

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