गलत फोन नंबर देकर जनता को बेवकूफ बना रही है पुलिस

गलत फोन नंबर देकर जनता को बेवकूफ बना रही है पुलिस

बेगूसराय। सरकार और प्रदेश मुख्यालय में बैठे पुलिस के आला अधिकारी पुलिस-पब्लिक फ्रेंडली होने की चाहे जितनी घोषणा कर लें। लेकिन यह फ्रेंडशिप हकीकत से कोसों दूर है।

आदेश दिया जाता रहा है कि सभी पुलिस पदाधिकारी टेलीफोन और मोबाइल रिसीव करेंगे। लेकिन यह आदेश भी सिर्फ कागजों पर है। यहां फोन रिसीव करना तो दूर आम आदमी को नंबर भी गलत दिया जाता है।

मामला पुलिस विभाग के जिला में सर्वोच्च कार्यालय एसपी ऑफिस बेगूसराय का है। जहां कि वर्षों से बोर्ड पर गलत नंबर लिखा कर रखा गया है। लेकिन इस पर किसी का भी ध्यान नहीं है। जरूरतमंद लोग परेशान होकर आते हैं और बोर्ड पर लिखा नंबर लेकर जब कॉल करते हैं तो फोन लगता ही नहीं है।

दूरसंचार विभाग द्वारा बेगूसराय जिला में करीब 15 वर्षों से छह डिजिट का टेलीफोन नंबर चलाया जा रहा है। जबकि यहां सात डिजिट का नंबर लिखा गया है। एसपी ऑफिस का नंबर है 223015, जबकि बोर्ड पर लिखाया गया है 2213015।

सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश विक्रम ने बताया कि कई बार विभिन्न मामले को लेकर पुलिस अधिकारी के मोबाइल पर फोन किया तो रिसीव नहीं किया गया। एसपी ऑफिस आकर बोर्ड पर लिखे नंबर पर फोन किया तो इनवेलिड बताया रहा। आखिर यह गलत नंबर बोर्ड पर लिखकर जनता को क्यों बेवकूफ बनाया जा रहा है?

इस संबंध में मुख्यालय डीएसपी कुंदन कुमार का कहना है कि मिस प्रिंटिंग है। बोर्ड लिखने वाले ने गलती की है, ठीक करने के लिए कहा गया था। लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया। अब हकीकत में बोर्ड लिखने वाले की गलती हो, लिखाने वाले की गलती हो या फिर जनता को गुमराह करने की कोशिश हो।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि बोर्ड लिखने वाले ने ध्यान नहीं दिया तो क्या उसका पेमेंट रोका गया? वर्षों से लिखे उस गलत नंबर को किसी ने ठीक कराया क्यों नहीं?

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