भारत-फ्रांस रेल सहयोग के करार को कैबिनेट की मंजूरी

भारत-फ्रांस रेल सहयोग के करार को कैबिनेट की मंजूरी

नयी दिल्ली - सरकार ने भारत एवं फ्रांस के बीच रेलवे के क्षेत्र में सहयोग के समझौते काे आज स्वीकृति दे दी। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आज यहां हुई बैठक में भारतीय रेल और फ्रांस की सरकारी कंपनी एसएनसीएफ मोबिलिटिज़ के बीच रेलवे के क्षेत्र में तकनी‍की सहयोग के समझौता ज्ञापन से अवगत कराया गया जिस पर फ्रांस के राष्ट्रपति एमानुएल मैक्रों की यात्रा के दौरान 10 मार्च को हस्‍ताक्षर किए गए थे।
इस करार के तहत रेलवे के क्षेत्र में ज्ञान और विकास से जुड़ी नवीनतम जानकारियों को साझा करने के लिए भारतीय रेलवे को एक मंच उपलब्‍ध कराया गया है। इसके जरिए तकनीकी विशेषज्ञता, रिपोर्ट और तकनीकी दस्‍तावेज के आदान-प्रदान को सुगम बनाने तथा विशेष किस्‍म की प्रौद्योगिकी पर केंद्रित प्रशिक्षण और संगोष्ठियों तथा कार्यशालाओं का आयोजन और जानकारियों को साझा करना सुगम बनाया गया है। इसके माध्‍यम से जिन प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की रूपरेखा तय की गयी है, उनमें हाईस्पीड और सेमीहाईस्पीड वाली रेल सेवाएं, रेलवे स्‍टेशनों का उन्‍नयन और परिचालन, मौजूदा रेल परिचालनों और ढांचागत संरचनाओं का आधुनिकीकरण और उपनगरीय रेल शामिल हैं।
मंत्रिमंडल ने स्‍वास्‍थ्‍य और औषधि के क्षेत्र में सहयोग के लिए भारत और स्‍वाजीलैंड के बीच एक माह पहले हुए करार को भी मंजूरी दी। इस पर नौ अप्रैल को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की यात्रा के दौरान हस्‍ताक्षर किए गये थे। करार में शामिल किए गये सहयोग के क्षेत्रों में दवा और फार्मास्‍युटिकल उत्‍पाद, चिकित्‍सा संबंधी उत्‍पाद, चिकित्‍सा अनुसंधान, चिकित्‍सा उपकरण, सार्वजनिक स्‍वास्‍थ्‍य, संचारी रोग नियंत्रण और निगरानी, स्‍वास्‍थ्‍य पर्यटन और आपसी हित का कोई अन्‍य क्षेत्र शामिल किया गया है। समझौते के कार्यान्‍वयन की निगरानी के लिए एक कार्यदल स्‍थापित किया गया है।
मंत्रिमंडल ने पारंपरिक चिकित्‍सा प्रणाली के क्षेत्र में भारत और इक्‍वाटोरियल गिनी के बीच सहयोग के लिए करार को भी पूर्व प्रभाव से मंजूरी दी। इस पर आठ अप्रैल को हस्‍ताक्षर किए गए थे। इस समझौता ज्ञापन से दोनों देशों के बीच पारंपरिक चिकित्‍सा प्रणाली के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। बैठक में भारत की परम्‍परागत औषधि प्रणालियों पर सहयोग स्‍थापित करने के लिए भारत और कोलंबिया के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर को भी मंजूरी दी गयी। इससे कोलंबिया में भारत की परम्‍परागत औ‍षधियों का प्रचार और प्रसार होगा।
मंत्रिमंडल ने खनन एवं भूविज्ञान के क्षेत्र में भारत और मोरक्को के बीच सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए जाने को पूर्वव्यापी मंजूरी दी। समझौते पर 11 अप्रैल को नयी दिल्ली में हस्ताक्षर किए गए थे। यह समझौता मोरक्को के ऊर्जा, खान एवं सतत विकास मंत्रालय और भारत के खान मंत्रालय के बीच हुआ था। इस करार से भूविज्ञान एवं खनन के क्षेत्र में सहयोग के लिए भारत और मोरक्को के बीच एक संस्थागत व्यवस्था सुनिश्चित होगी। यह सहयोग दोनों देशों के बीच आर्थिक, सामाजिक एवं पर्यावरण क्षेत्र में पारस्परिक तौर पर लाभप्रद साबित होगा।

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