गायत्री प्रजापति की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज

गायत्री प्रजापति की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज

बलात्कार के मामले में 1 साल से ज़्यादा समय से जेल में बंद हैं उत्तरप्रदेश के पूर्व मंत्री
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तरप्रदेश के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति की जमानत याचिका खारिज कर दी है । प्रजापति बलात्कार के मामले में 1 साल से ज़्यादा समय से जेल में बंद हैं। यूपी सरकार ने जमानत अर्जी का विरोध किया था। यूपी सरकार ने कहा था कि अभी पीड़िता और गवाहों के कोर्ट में बयान होने बाकी हैं| अगर रिहा किया गया तो वो गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं ।
पिछली सुनवाई के दौरान यूपी सरकार ने अपना जवाबी हलफनामा दायर किया था और गायत्री प्रजापति की जमानत का विरोध किया था। 17 फरवरी 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने प्रजापति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट के एफआईआर​ दर्ज करने के निर्देश के बाद 15 मार्च 2017 को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया था। 24 अप्रैल 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने यूपी पुलिस को निर्देश दिया था कि गायत्री प्रजापति मामले में पीड़िता और उसके परिजनों को सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
पीड़ित महिला समाजवादी पार्टी की कार्यकर्ता है। उसके मुताबिक गायत्री प्रजापति ने 2014 से जुलाई 2016 तक 2 साल उसके साथ लगातार रेप किया। प्रजापति और उनके सहयोगियों ने कुछ मौकों पर उसके साथ सामूहिक रेप भी किया। जब प्रजापति ने उसकी 14 साल की बेटी के साथ बलात्कार की कोशिश की तब उसने पुलिस में शिकायत की। कोई कार्रवाई न होने पर उसने 7 अक्टूबर 2016 को प्रदेश के डीजीपी से भी शिकायत की लेकिन वहां भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। तब उसने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था जिसके बाद प्रजापति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए थे।

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