बच्चों के साथ यौन अपराध से 'राष्ट्रीय आपातकाल'की स्थिति-सत्यार्थी

बच्चों के साथ यौन अपराध से राष्ट्रीय आपातकालकी स्थिति-सत्यार्थी

नयी दिल्ली । नाेबल पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी ने आज कहा कि देश में बच्चों के साथ दुष्कर्म और यौन अपराध की बढ़ती घटनाओं से 'राष्ट्रीय आपातकाल की स्थिति' बन गयी है इसलिए संसद के आगामी सत्र में इस मुद्दे पर चर्चा कराकर इस समस्या से निपटने के लिए समयबद्ध राष्ट्रीय कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए।
सत्यार्थी ने कैलाश सत्यार्थी ने चिल्ड्रन फाउंडेशन की ओर से यहां देश में बच्चों की सुरक्षा में खामियों पर आयोजित एक संगोष्ठी में अपने संबोधन में राजनीतिक दलों से कहा कि वे बच्चों के शवों को 'राजनीतिक युद्ध' का मैदान न बनायें। बच्चों के साथ अपराध पर राजनेताओं के रूख की कड़ी आलोचना करते हुए उन्होने अफसाेस जताया कि आज तक देश की संसद में इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई।
उन्होंने इस बात पर चिंता जतायी कि देश में यौन अपराधों से बच्चाें की सुरक्षा सम्बन्धी कानून (पाक्सो) के तहत एक लाख मामले लंबित हैं और कहा कि बच्चों के याैन शोषण मामलों के त्वरित निपटारे के लिए राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण की तर्ज पर राष्ट्रीय बाल न्यायाधिकण गठित किया जाना चाहिए। उन्होंने इन मामलों के त्वरित सुनवाई के लिए हर जिले में अलग से एक न्यायालय की भी मांग की जिनमें संवेदनशील और प्रशिक्षित अधिकारियों को तैनात किया जाय।

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