सरकार ने दिया भरोसा, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- उम्‍मीद है जल्‍द होगी लोकपाल की नियुक्ति

सरकार ने दिया भरोसा, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- उम्‍मीद है जल्‍द होगी लोकपाल की नियुक्ति

नई दिल्ली। लोकपाल की नियुक्ति के मामले पर मंगलवार को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि लोकपाल नियुक्ति के लिए सेलेक्शन कमेटी के सदस्य के तौर पर वरिष्ठ न्यायविद को चुनने के लिए 10 अप्रैल को मीटिंग हुई है। इसके बाद जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि ऐसी उम्मीद है कि सरकार जल्द ही लोकपाल की नियुक्ति कर देगी। सरकार के भरोसा देने के बाद लोकपाल की नियुक्ति को लेकर कोर्ट ने आदेश जारी करने से इनकार कर दिया। मामले की अगली सुनवाई 15 मई को होगी। सुनवाई के दौरान वकील प्रशांत भूषण ने केंद्र पर आरोप लगाया कि वो लोकपाल की नियुक्ति से अपना कदम पीछे खींच रही है।
इसके पहले, केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा था कि पिछले 01 मार्च को प्रधानमंत्री, चीफ जस्टिस और लोकसभा स्पीकर की बैठक हुई लेकिन बाकी सदस्य बैठक में मौजूद नहीं थे। इसलिए लोकपाल की नियुक्ति को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं लिया जा सका। उल्लेखनीय है कि पिछले 01 मार्च को संपन्न बैठक में लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकपाल चयन समिति की बैठक में इसलिए जाने से मना कर दिया था क्योंकि उन्हें स्पेशल इनवाइटी (विशेष आमंत्रित) के तौर पर आमंत्रित किया गया था। खड़गे ने कहा था कि यह बैठक केवल सुप्रीम कोर्ट के आदेश की वजह से बुलाई गई है।
पहले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने लोकपाल की नियुक्ति को लटकाने पर कड़ा एतराज जताया था। कोर्ट ने कहा था कि लोकपाल विधेयक 2013 जो 2014 में अस्तित्व में आया उसके आधार पर नियुक्ति की जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि लोकपाल के लिए चयन समिति में न्यायविद की नियुक्ति के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश को वरीयता दी जानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि लोकपाल की नियुक्ति के लिए नेता प्रतिपक्ष के बिना भी नियुक्ति की जा सकती है।
नेता प्रतिपक्ष के बिना पर नियुक्ति में और देर नहीं किया जा सकता है। वर्तमान में प्रधानमंत्री के जरिए भी नियुक्ति की जा सकती है। केंद्र सरकार ने कहा था कि वर्तमान परिस्थितियों में लोकपाल की नियुक्ति नहीं​ हो सकती। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से सवाल किया था कि लोकपाल कानून 2014 में बना था, तो अब तक लोकपाल की नियुक्ति क्यों नहीं हुई? सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वो लोकपाल की नियुक्ति में इस तरह देरी होते नहीं देख सकता। लोकपाल को एक डेड लेटर नहीं बनने दिया जाना चाहिए।

Share it
Share it
Share it
Top