कठुआ कांड की आंच पहुंची मेरठ विश्वविद्यालय तक, विश्वविद्यालय के कई अधिकारियों पर शिकंजा कसने की तैयारी

कठुआ कांड की आंच पहुंची मेरठ विश्वविद्यालय तक, विश्वविद्यालय के कई अधिकारियों पर शिकंजा कसने की तैयारी

मेरठ। बहुचर्चित कठुआ सामूहिक दुष्कर्म और जघन्य हत्याकांड के मुख्य आरोपी विशाल जंगोत्रा को बचाने के आरोप में मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के कई अधिकारियों पर शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है।
जम्मू कशमीर पुलिस के विशेष जांच दल (एसआइटी) की जांच में ऐसे ही कुछ चौंका देने वाले तथ्य सामने आये हैं। इस मामले में पहले ही जांच दल ने मेरठ विश्वविद्यालय पहुंचकर आरोपी की उपस्थिति पंजिका और कैमरों की डीवीआर अपने कब्जे में ले ली है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार जम्मू एसआइटी ने आरोपी के खिलाफ अदालत में दी गई चार्जशीट में मेरठ विश्वविद्यालय के अधिकारियो के संलिप्त होने का दावा किया है। इसके अनुसार अधिकारियों ने मुख्य आरोपी विशाल जंगोत्रा को बचाने के लिये घटनाक्रम के दौरान विश्वविद्यालय की परीक्षा देते हुए दर्शाने में मदद की है।एसआइटी की एक टीम विश्वविद्यालय परिसर पहुंचकर अधिकारियों से पूछताछ करने वाली है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार विश्वविद्यालय के गोपनीय कार्यालय के कार्यवाहक अधीक्षक चंद्र प्रकाश के अलावा कविराज और सुभाष चंद पिपलानी के नाम सामने आये हैं जो इन दिनों फरार हैं। तीनों ही एमबीबीएस की परीक्षा में कापी बदलवाने के आराेपी भी हैं।
गौरतलब है कि जम्मू के कठुआ कांड के मुख्य आरोपी के तौर पर जम्मू पुलिस ने मुजफ्फरनगर जिले के कस्बा मीरापुर से विशाल जंगोत्रा पुत्र सांझीराम को गिरफ्तार किया था। जम्मू के रासना हिसनकर कठुवा निवासी विशाल मीरापुर के आकांक्षा डिग्री कॉलेज बीएससी कृषि प्रथम वर्ष का छात्र है। उसकी दस से 30 जनवरी तक खतौली केके जैन डिग्री कॉलेज में परीक्षा थी।
एसआइटी की जांच में सामने आया है कि गत 11 जनवरी को विशाल ने सेटिंग करके दूसरे छात्र से अपनी परीक्षा दिलाई और खुद जम्मू चला गया। जम्मू पुलिस ने उपस्थिति पंजिका पर विशाल के हस्ताक्षर को फोरेंसिक लैब भेजा तो वह विशाल के नहीं पाए गए। जांच में सामने आया था कि विशाल के स्थान पर उसकी परीक्षा बीते दिनों एमबीबीएस उत्तरपुस्तिका बदलने के आरोप में मेरठ से जेल गए एक आरोपी ने दी थी।
एसआइटी की एक टीम विश्वविद्यालय परिसर पहुंचकर अधिकारियों से पूछताछ करने वाली है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार विश्वविद्यालय के गोपनीय कार्यालय के कार्यवाहक अधीक्षक चंद्र प्रकाश के अलावा कविराज और सुभाष चंद पिपलानी के नाम सामने आये हैं जो इन दिनों फरार हैं। तीनों ही एमबीबीएस की परीक्षा में कापी बदलवाने के आराेपी भी हैं।
गौरतलब है कि जम्मू के कठुआ कांड के मुख्य आरोपी के तौर पर जम्मू पुलिस ने मुजफ्फरनगर जिले के कस्बा मीरापुर से विशाल जंगोत्रा पुत्र सांझीराम को गिरफ्तार किया था। जम्मू के रासना हिसनकर कठुवा निवासी विशाल मीरापुर के आकांक्षा डिग्री कॉलेज बीएससी कृषि प्रथम वर्ष का छात्र है। उसकी दस से 30 जनवरी तक खतौली केके जैन डिग्री कॉलेज में परीक्षा थी।
एसआइटी की जांच में सामने आया है कि गत 11 जनवरी को विशाल ने सेटिंग करके दूसरे छात्र से अपनी परीक्षा दिलाई और खुद जम्मू चला गया। जम्मू पुलिस ने उपस्थिति पंजिका पर विशाल के हस्ताक्षर को फोरेंसिक लैब भेजा तो वह विशाल के नहीं पाए गए। जांच में सामने आया था कि विशाल के स्थान पर उसकी परीक्षा बीते दिनों एमबीबीएस उत्तरपुस्तिका बदलने के आरोप में मेरठ से जेल गए एक आरोपी ने दी थी।फर्जी तरीके से परीक्षा देने का मामला सामने आने के बाद जम्मू एसआइटी ने गत 23 मार्च को मेरठ विश्वविद्यालय में आकर जांच भी की थी और पुलिस के के जैन कॉलेज खतौली से उपस्थिति पंजिका और सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर साथ ले गई थी।
एसआइटी ने चार्जशीट में आकांक्षा कॉलेज के चेयरमैन और मेरठ विश्वविद्यालय के कुछ अधिकारियों पर विशाल की मदद करने का आरोप लगाया है।जम्मू में तैनात आइपीएस अधिकारी जावेद नवीद ने बताया कि जल्द ही मेरठ विश्वविद्यालय पहुंचकर अधिकारियों से पूछताछ की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच के बाद इस मामले में दोषी पाये जाने वाले विश्वविद्यालय के उन अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करके गिरफ्तारी की जा सकती है। आरोपी को बचाने के लिये दस्तावेज में फेरबदल करके धांधली की है।

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