वेलेंटाइन डे पर मुकम्मल हुई मुहब्बत की अनूठी दास्तां, तेजाब पीड़िता को मिला हमसफर

वेलेंटाइन डे पर मुकम्मल हुई मुहब्बत की अनूठी दास्तां, तेजाब पीड़िता को मिला हमसफर

लखनऊ । "रानी के मन की सुन्दरता को देख मैंने उसे अपनाने का निर्णय लिया।" यह कहना है युवक सरोज का, जिसने तेजाब पीड़िता प्रमोदिनी उर्फ रानी से शादी करने का फैसला किया है। दोनो ही लखनऊ के शीरोज कैफे में आयोजित भव्य समारोह में कल सगाई की है। सरोज ने आज 'यूनीवार्ता' से कहा कि यह निर्णय लेना उसके लिए बहुत मुश्किल था लेकिन रानी से मुलाकात के बाद बढ़ी बातचीत से फैसला लेना आसान हो गया।
सराेज का कहना है कि घर वालों और समाज के कुछ लाेगों ने उसके निर्णय से पहले असहमति जतायी थी। कई ने तो उपहास उड़ाया लेकिन वह अपने निर्णय पर अडिग रहा। अब सभी सहमत हैं और उसके निर्णय को साहसिक बताते हुए सराहना कर रहे हैं। रानी पर उड़ीसा में कुछ दबंग लोगों ने तेजाब फेंक दिया था जिससे उसका चेहरा विकृत हो गया था और उसकी दृष्टि चली गयी थी। कल ही उसने लखनऊ में रानी के संग सगाई की है।
सराेज ने बताया कि रानी की बहन की शादी के बाद वह अपना विवाह करेगा। विवाह में करीब एक साल लगेगा। इसके पहले दोनो मिलकर उड़ीसा में कैफे खोलेंगे। कैफे से होने वाले आमदनी से तेजाब पीड़ितों की मदद की जायेगी।
युवक ने कहा कि जिन्दगी की कई यादें लखनऊ से जुड़ी हुई हैं इसमें सबसे महत्वपूर्ण सगाई है। एक सवाल के जवाब में सराेज ने कहा कि रानी यहां नौकरी करती है। रानी और वह 'शीरोज' कैफे से जुड़े हैं। रानी कम्पेनर है और वह प्रबंधन का काम देखता है।
सरोज ने बताया कि रानी पर तेजाब से हुए हमले के समय वह मेडिकल रिप्रेेजंटेटिव था। रानी अस्पताल में थी और उसी समय उससे मुलाकात हो गयी। मुलाकात बढ़ी और प्यार हो गया। शादी के बाद वह उड़ीसा में ही रहेगा। रानी की तरह तेजाब पीड़ितों की मदद करेगा। रानी उसके इस फैसले से काफी खुश है। उसने बताया कि रानी पर तेजाब फेंकने का मामला दबा पड़ा था। काफी प्रयास के बाद दिसम्बर से यह मुकदमा शुरु हुआ है।

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