बहुचर्चित पीएनबी घोटाला प्रकरण में ईडी ने की कार्यवाही.....5,100 करोड़ की सम्पत्ति जब्त

बहुचर्चित पीएनबी घोटाला प्रकरण में ईडी ने की कार्यवाही.....5,100 करोड़ की सम्पत्ति जब्त

नई दिल्ली/मुम्बई। सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की मुंबई स्थित एक शाखा में 11,4०० करोड़ रुपये से ज्यादा (177.17 करोड़ डॉलर) के धोखाधड़ी वाले लेनदेन के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय ने आज मुख्य आरोपी नीरव मोदी के कार्यालय और घर समेत 17 स्थानों पर छापेमारी कर 5,1०० करोड़ रुपये की सम्पत्ति जब्त की। इस मामले में बैंक के 1० अधिकारियों को निलंबित किया गया जबकि दो कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज करायी गयी है। इस घोटाले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीति भी शुरू हो गई है। दोनों एक-दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगाये। कांग्रेस ने इस घोटाले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा तो भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। प्रवर्तन निदेशालय ने नीरव मोदी और गीतांजिल जेम्स के 17 परिसरों पर छापेमारे की कार्रवाई करते हुए 5,1०० करोड़ रुपये का सोना, हीरा और जवाहरात जब्त किये हैं। सुबह राजधानी दिल्ली, मुंबई, सूरत और कई स्थानों पर छापेमारी की कार्रवाई शुरू की गयी जो शाम तक चलती रही। नीरव मोदी के कुर्ला स्थित आवास के साथ ही काला घोड़ा स्थित ज्वेलरी बुटिक, बांद्रा और लोवर पार्ले स्थिति तीन ठिकानों के साथ ही सूरत में तीन स्थानों और राजधानी दिल्ली के चाणक्यपुरी और डिफेंस कॉलोनी स्थित शो रूम में भी छापे मारे। अधिकारियों का कहना है कि तलाशी अभियान अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है, क्योंकि उन्हें इस घोटाले से जुड़े दस्तावेजों की तलाश है। निदेशालय को आशंका है कि नीरव मोदी ने बैंकिंग तंत्र के साथ मिलकर विदेशों में हवाला का काम किया है और आयात के कागजात दिखाये हैं। निदेशालय इसकी भी जांच कर रहा है। केन्द्रीय जांच ब्यूरो ने भी नीरव मोदी और अन्य के खिलाफ की कार्रवाई के आधार पर हवाला का मामला दर्ज किया है। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री तथा वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी के नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इस घोटाले में किसी को बख्शा नहीं जायेगा। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी और दिल्ली के मुख्यमंत्री तथा आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल ने नीरव मोदी को देश के बाहर भागने का मौका देने का आरोप लगाते हुये भाजपा को घेरा। पीएनबी की तरफ से पहली बार मीडिया के सामने इस घोटाले के बारे में तथ्य प्रस्तुत किये गये। बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील मेहता ने बताया कि इस घोटाले का पर्दाफाश स्वयं पीएनबी ने किया है और इसमें सहयोग करने वाले दो कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी गयी है। श्री प्रसाद ने नीरव मोदी को कांग्रेस द्वारा 'छोटा मोदी करार दिये जाने पर कड़ी आपत्ति जताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बेवुनियाद आरोप लगाये हैं। 'छोटा मोदी कौन सा शब्द है। देश के करोड़ों लोगों के उपनाम 'मोदीÓ है। सिर्फ किसी का उपनाम 'मोदीÓ होने पर उसको लेकर प्रधानमंत्री पर हमला अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग तंत्र को किसी भी तरह नुकसान नहीं पहुंचाने दिया जायेगा। चाहे वह व्यक्ति कितने भी ऊँचे पद और हैसियत पर क्यों न हो, आरोपियों को बक्शा नहीं जायेगा। नीरव मोदी का पासपोर्ट रद्द करने की प्रक्रिया जारी है और लुकआउट नोटिस भी जारी किया जा रहा है। दावोस में इस वर्ष संपन्न विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ समूह फोटो में नीरव मोदी की मौजूदगी को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाये गये सवाल का जवाब देते हुये श्री प्रसाद ने कहा कि नीरव मोदी दावोस में प्रधानमंत्री प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा नहीं था। वह भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के गीताजंलि जेम्स के मेहुल चौकसी के साथ भी अंतरंग तस्वीर मौजूद है। वर्ष 2०13 में राजधानी में इम्पीरियल होटल में नीरव मोदी के ब्राइडल शो में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी गये थे। भाजपा नेता ने कहा कि पीएनबी घोटाला वर्ष 2०11 में शुरू हुआ था और वर्ष 2०11-13 के दौरान मेहुल चौकसी की आय दोगुनी हो गयी थी। उन्होंने सवाल किया कि इसमें किसने मदद की थी। श्री मेहता ने दावा किया कि सबसे पहले पीएनबी प्रबंधन ने ही इस घोटाले की जानकारी जाँच एजेंसियों को दी जो वर्ष 2०11 से चल रहा था। उन्होंने बताया कि गत ०3 जनवरी को यह जानकारी मिली कि मुंबई स्थिति एक शाखा के दो कर्मचारी अवैध लेनदेन कर रहे है। कर्मचारियों के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज कराया गया है। उन्होंने कहा कि अपराधियों को पकडऩे में पूरी मदद की जा रही है। श्री मेहता ने कहा कि यह सिर्फ एक शाखा मामला है। उनका बैंक इससे बाहर निकलने में सक्षम है। इसी के मद्देनजर मामला दर्ज कराया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इससे प्रभावित सभी बैंकों के वित्तीय हित सुरक्षित रहेंगे। बैंक ने संदिग्ध लेनदेन के बारे में अरबपति आभूषण डिजाइनर नीरव मोदी और गीतांजिल जेम्स के खिलाफ सीबीआई में अलग-अलग शिकायत दर्ज करायी है। कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है कि यह बहुत आसान रास्ता बन गया है कि प्रधानमंत्री से मेल-जोल बढाओ और देश को लूटो तथा बाहर भाग जाओ। उन्होंने ट्वटर पर किये गये अपने तंज में इस लूट का शीर्षक 'भारत को लूटने की गाईड - नीरव मोदी दिया है। उन्होंने लिखा है, पहले प्रधानमंत्री के गले लगो, दावोस में उनके साथ दिखाई दो। फिर इस मेल-जोल का इस्तेमाल करते हुए 12 हजार करोड़ रुपये चुराओ और बाद में माल्या की तरह देश से बाहर भाग जाओ। इस दौरान सरकार मुंह फेरकर दूसरी ओर देखती रहेगी। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस घोटाले को लेकर मोदी सरकार पर हमला किया। उन्होंने ट््िवटर पर लिखा, क्या यह संभव है कि नीरव मोदी हो या विजय माल्या, बिना भाजपा सरकार के साथ साठगांठ से देश छोड़ सकता है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोटाले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए आज कहा कि केंद्र की दोषपूर्ण वित्तीय नीति के कारण बैंकों में जमा जनता का पैसा सुरक्षित नहीं रह गया है। उन्होंने दक्षिण बंगाल में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, हम चाहते हैं कि पीएनबी की मुम्बई शाखा में हुये 11,००० करोड़ रुपये से ज्यादा के घोटाले की मुकम्मल जांच कराई जाए। यह जमा राशि आम जनता की थी। देशवासियों को यह जानने का हक है कि उनकी जमा राशि के साथ क्या हुआ।

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