उन्नाव: ट्रांसगंगा सिटी मामला: प्रशासनिक दबाव में दूसरे दिन घरों में दुबके रहे किसान


-किसानों व पुलिस के संघर्ष की आग रविवार को भी उठी

- किसानों ने शंकरपुर विद्युत सब-स्टेशन के सामने पड़े रबर के पाइपो में लगाई आग, मची अफरातफरी

उन्नाव। शनिवार को हुए किसानों व पुलिस के संघर्ष की आग रविवार को भी भड़क उठी। रविवार सुबह साढ़े ग्याह बजे किसानों ने शंकरपुर विद्युत सब-स्टेशन के सामने पड़े रबर के पाइपो में आग लगा दी। आग ने कुछ ही देर में भीषण रूप ले लिया। आनन-फानन में फायर ब्रिगेड की गाड़ी को सूचना पर बुलाया गया। सूचना पर पहंुची दमकल गाड़ियों ने एक घण्टे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय व एसपी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने स्थिति सामान्य कर ली।

रविवार को ट्रांस गंगासिटी में चल रहे निर्माण कार्य के बीच सेक्टर-2 के पास विद्युत सब-स्टेशन के सामने रबर के पाइपो के ढेर में आग लगा दी गई। जिससे पाइप धूं-धू कर जल उठे। जिससे वहां अफरा तफरी मच गई। सूचना पर डीएम, एसपी, एडीएम, एसएपी, एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए। दमकल वाहनों को बुलाया गया। दो दमकल की गाड़ियां पहंुच गई। जहां लगभग एक घण्टे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। वहीं जिलाधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय ने आगजनी की घटना की निंदा की। उन्होंने बताया कि आगजनी की घटना किन्ही अराजकतत्वों ने की है। उन्होंने बताया कि विद्युत सबस्टेशन के निकट प्लास्टिक के पाइप पड़े हुए थे। वहीं पर अराजकतत्वों ने फूस में आग लगा दी। जिसके बाद आग ने भयंकर रूप से लिया और धू-धू कर जल उठी। वहीं मिक्सिंग मशीन में भी कुछ अराजकतत्वों में आग लगा दी। उसे तोड़-फोड़ दिया। डीएम ने बताया कि शनिवार को हुई प्रशासनिक कार्रवाई से किसान तो शांत हो गए, लेकिन अराजकतत्व व शरारतीतत्व माहौल बिगाड़ने से बाज नही आ रहे हैं। उन पर पुलिस की नजर है। उनका पता लगाया जा रहा है। जल्द से जल्द उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। जिसके बाद डीएम ने पास के गांव में जाकर किसानों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की व उन्हें सख्ती के साथ कार्य मे बाधा न डालने के लिए समझाया। इस दौरान एसपी एमपी वर्मा, एडीएम राकेश कुमार, एएसपी विनोद पांडेय समेत अन्य अधिकारी एक घण्टे तक ट्रांसगंगा सिटी परिसर में रुके। जिसके बाद स्थिति सामान्य देख सभी अधिकारी वापस चले गए।

दिखा प्रशासनिक दहशत का असर

किसानों पर हुए लाठीचार्ज व किसान नेता वीएन पाल की गिरफ्तारी के बाद रविवार को किसानों में प्रशासन व पुलिस का भय देखने को मिला। किसान अपने-अपने घरों में दुबक गए। ट्रांसगंगा सिटी परिसर में सुबह आठ बजे एसडीएम दिनेश सिंह पहुंच गए। जहां उनके साथ सीओ हसनगंज डॉ. भीम कुमार गौतम भी पहुंच गए। उनके पहुंचने के बाद यूपीसीडा के अधिशाषी अभियंता बीडी यादव ने काम शुरू कराया। सुबह नौ बजे से ही ट्रांसगंगा सिटी की जमीन पर किसानो की फसल को जमींदोज करना शुरू कर दिया गया। छह जेसीबी व लगभग एक दर्जन ट्रेक्टर ने किसानों के द्वारा उगाई गई फसल को जमींदोज करना शुरू कर दिया। कड़े पहरे के बीच काम चलता रहा। यूपीसीडा के अधिशाषी अभियंता बीडी यादव ने बताया कि कार्य शुरू करा दिया गया है। निर्माण कार्य में एक सैकड़ा मजदूरों को लगाया गया है। कार्य को तेजी से कराया जा रहा है। जल्द से जल्द कार्य को कराया जा रहा है।

किसान नेता की मां ने पुलिस पर लगाये आरोप

किसान नेता हीरेन्द्र निगम की मां रामदुलारी व पत्नी सोनी निगम ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि पुलिस ने उनके घर मे आकर तोड़-फोड़ कर दी। उनका आरोप है कि रविवार को पुलिस ने उनके घर मे आकर तोड़ फोड़ कर दी।

न तो उचित मुआवजा, न ही पुनर्वास की व्यवस्था

ट्रांसगंगा सिटी में कोई भी विकास करने की कोशिश प्रशासन और यूपीसीडा की ओर की जाती थी तो किसान उसे नाकाम कर देते थे। किसानों का आरोप है कि उनको न तो उचित मुआवजा दिया गया और न ही पुनर्वास की व्यवस्था की गई।

किसानों को दो बार दिया गया मुआवजा- डीएम

डीएम देवेंद्र पांडेय ने बताया कि 2002 में यूपीएसआईडीसी ने कन्हापुर, मन भावना और शंकरपुर के लगभग ढाई हजार किसानों की भूमि अधिग्रहित की थी। किसानों को शासन की ओर से वर्ष 2012-13 में 5.51 लाख रुपए का प्रतिकर और 7 लाख मुआवजा मिलाकर 12.51 लाख रुपए प्रति बीघा के हिसाब से मुआवजा दिया गया। जिस समय मुआवजा दिया गया उस समय का सर्किल रेट और नियम वह शर्तों का पालन प्रशासन की ओर से किया गया। तमाम किसान इससे संतुष्ट भी हो गए लेकिन कुछ किसान नेताओं ने नए सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा लेने के लिए धरना शुरू कर दिया। डीएम के अनुसार किसानों को एक बार नहीं दो बार मुआवजा दिया गया।

किसान नेता के घर पहुंचे विधायक, परिजनों ने ली जानकारी

रविवार को किसानो से मिलकर सदर विधायक पंकज गुप्ता ने वार्ता की। किसान नेता हीरेन्द्र निगम के आवास पहुंचकर परिजनो से मिले पुलिस द्वारा की जा रही ज्यादतियो के बारे में जानकारी ली। किसानो से बात करते हुए विधायक ने कहा कि किसानो से बात करके सामंजस्य बनाकर ही कार्य कराया जाना चाहिये। पूरे प्रकरण पर मुख्यमंत्री से मिलकर बात रखूगा पूर्व में भी किसानो का पक्ष मुख्यमंत्री के पास रखा था।

29 नामितों और दो सौ अज्ञात पर केस दर्जकर तालाश जारी

बैराज चैकी इंचार्ज कृष्ण चंद्र कनौजिया से थाने में दी गई तहरीर के आधार पर शनिवार की देर रात पुलिस ने 29 नामितों और दो सौ अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया है। पुलिस ने दो दर्जन बाइक और चैपहिया क्षतिग्रस्त वाहनों को परियोजना कार्यालय में खड़ा करवा दिया है। उपद्रवियों ने भागते समय जान से मारने की धमकी देते हुए शंकरपुर सराय गांव स्थित बालाजी बिल्डर कांट्रेक्टर के गोदाम में आग भी लगा दी थी। जिससे उसका सारा सामान जल गया है।

सात नामितों व दो सौ अज्ञात पर केस दर्ज

ट्रांस गंगासिटी वरिष्ठ प्रबंधक बीडी यादव ने गंगाघाट थाने में दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने सात नामितों के अलावा दो सौ अज्ञात महिला व पुरुषों के विरुद्ध केस दर्ज किया है।

सर्किल रेट से नही मिला मुआवजा- किसान

किसानों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण के तहत मुआवजा तुरंत मिलना चाहिए था जो उन्हें काफी देर से दिया गया। आरोप है कि सर्किल रेट का पालन नहीं किया गया। नए नियम के तहत सर्किल रेट के हिसाब से अधिग्रहण की गई भूमि का चार गुना रुपए देना चाहिए। इन्हीं मांगों को लेकर किसान ढाई साल से ट्रांस गंगा हाईटेक सिटी के साइड ऑफिस पर किसान धरने पर बैठे हैं और यूपीसीडा को कोई भी विकास कार्य नहीं करने दे रहे हैं। शनिवार सुबह यूपीसीडा और प्रशासन की टीम कब्जा लेने पहुंची तो किसान भड़क गए और बवाल हो गया।

कमिश्नर व एडीजी पहुंचे ट्रांसगंगा सिटी, अधिकारियों से की बात

देर शाम मामले को लेकर कमिश्नर मुकेश मेश्राम व एडीजी एसएन सांबत ट्रांसगंगा सिटी पहुंचे। उनके साथ डीएम देवेन्द्र कुमार पाडेंय, एसपी माधव प्रसाद वर्मा आदि प्रसाशनिक अधिकारी मौजूद रहे। कमिश्नर व एडीजी ने मौके पर बारीकी से निरीक्षण किया और मौजूद अधिकारियों से बात की।


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