चुनाव आयोग का फैसला लोकतंत्र के इतिहास में काला धब्बा : सुरजेवाला

चुनाव आयोग का फैसला लोकतंत्र के इतिहास में काला धब्बा : सुरजेवाला

नई दिल्ली। कांग्रेस ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल में अंतिम चरण के मतदान के लिए प्रचार को 20 घंटे पहले समाप्त करने के फैसले को लोकतंत्र के इतिहास में काला धब्बा बताया है। पार्टी का कहना है कि आयोग का फैसला सवाल खड़े करता है कि अपने संवैधानिक दायित्वों को निभा रहा है या मोदी-शाह के हितों को साध रहा है।

उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग ने बुधवार को पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति और हाल ही में हुई हिंसा को देखते हुए राज्य की 9 लोकसभा सीटों पर 19 मई को होने वाले मतदान के लिए चुनाव प्रचार को तय सीमा से एक दिन पहले ही समाप्त करने का फैसला किया था।

दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में प्रेसवार्ता कर पार्टी प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव को समय की जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार की इच्छा पर होने वाली चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति चुनाव आयोग की निष्पक्षता को प्रभावित करती है। उन्हें उम्मीद है कि 23 मई को कांग्रेस की नई सरकार इस पर विचार कर बदलाव लाएगी।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पश्चिम बंगाल के दमदम और मथुरापुर में दोपहर बाद दो रैलियां हैं। उनकी रैलियों को कोई नुकसान न पहुंचे, इसके लिए आयोग ने 20 घंटे पहले आज रात 10 बजे से स्थानीय स्तर पर प्रचार खत्म करने का फैसला किया है। आज देश का हर व्यक्ति चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है।

इसके अलावा कांग्रेस प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ उनकी ओर से की गई शिकायतों पर चुनाव आयोग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दोनों नेता स्पष्ट आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं और आयोग डरा, थका, असहाय, असंमजस से देख रहा है। आयोग ने अपनी विश्ववसनीयता खो दी है।

चुनाव आयोग के निर्णय को कांग्रेस नेता ने लोकतंत्र के इतिहास में काला धब्बा बताया और कहा कि यह संविधान के अनुच्छेद 324 की परिपाटी और गरिमा को धूमिल करने वाला है। आयोग गुंडागर्दी पर रोक लगाने की बजाय निष्पक्ष एवं निर्भीक चुनाव कराने में खुद को अक्षम बता रहा है।

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