सांसदों के बंगला खाली करने पर ही हटाया जाता है अनधिकृत निर्माण

सांसदों के बंगला खाली करने पर ही हटाया जाता है अनधिकृत निर्माण



नयी दिल्ली । लोकसभा और राज्यसभा के 50 से भी अधिक सांसदों ने अपने बंगलों में अनधिकृत निर्माण किया हुआ है और इसे सांसदों के बंगला खाली करने पर ही हटाया जा सकता है।

सूचना के अधिकार के तहत जुटाई गयी जानकारी के अनुसार राजधानी के प्रतिष्ठित लुटियन क्षेत्र में स्थित जिन 50 से भी अधिक आलिशान बंगलों में अनधिकृत निर्माण किया गया है उनमें से कुछ केन्द्रीय मंत्रियों को भी आवंटित हैं और कुछ मामलों में अनधिकृत निर्माण 10 वर्ष से भी पुराना है।

आरटीआई कार्यकर्ता हरपाल सिंह राणा ने सूचना के अधिकार के तहत मिली इस जानकारी के आधार पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर भी इन बंगलों में अनधिकृत निर्माण हटाने की माँग की है।

केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग ने आरटीआई के माध्यम से माँगी गयी जानकारी में कहा है कि सांसदों को अनधिकृत निर्माण हटाने के लिए लिखा जाता है और नोटिस भी दिये जाते हैं। सांसदों द्वारा इसे न हटाने की स्थिति में बंगले या फ्लैट के खाली होेने पर इसे हटाया जाता है। बंगलों में किये गये अनधिकृत निर्माण में ज्यादातर अस्थायी होता है जिसमें कमरा, टीन शेड, पोर्टा केबिन, कार्यालय, लकड़ी के शेड आदि शामिल हैं।


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