भाजपा की पहली सूची में छत्तीसगढ़ के बस्तर के प्रत्याशी की हो सकती है घोषणा, जांजगीर चांपा से सबसे ज्यादा नाम

भाजपा की पहली सूची में छत्तीसगढ़ के बस्तर के प्रत्याशी की हो सकती है घोषणा, जांजगीर चांपा से सबसे ज्यादा नाम


रायपुर । शनिवार को भाजपा लोकसभा के अपने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर सकती है।इस सूची में पहले चरण में होने वाले चुनाव को लेकर प्रत्याशियों के नाम घोषित होंगे।छत्तीसगढ़ से भी बस्तर लोकसभा को लेकर प्रत्याशी के नाम की घोषणा की जा सकती है। भाजपा में लोकसभा चुनाव को लेकर जमकर दावेदारी की गई है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी अनिल जैन ने दावेदारों की सूची बनाकर आलाकमान को सौंप दी है। उल्लेखनीय है कि विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी , कांग्रेस से 13 फ़ीसदी मतों से पीछे रही है।

पार्टी के सूत्रों के अनुसार प्रदेश के किसी भी सीट पर प्रत्याशियों के नामों को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। प्रत्येक लोकसभा सीट से 2 से अधिक दावेदारों के नाम है।चांपा जांजगीर और रायपुर लोकसभा से चुनाव लड़ने के लिए सबसे ज्यादा प्रत्याशियों ने दावेदारी की है। पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जांजगीर से मौजूदा सांसद कमला पाटले के अलावा कमला जांगड़े,कमलेश जांगड़े, मोतीलाल डहरिया, प्रियदर्शनी दिव्य और निर्मल सिन्हा ने दावेदारी की है। यहां पर कमला पाटले और निर्मल सिन्हा मजबूत दावेदार बताए जा रहे हैं।रायपुर से मौजूदा सांसद रमेश बैस के अलावा बृजमोहन अग्रवाल, सुनील सोनी, संजय श्रीवास्तव, लक्ष्मी वर्मा और मोती लाल साहू का नाम सूची में शामिल किया गया है। दुर्ग से सरोज पांडे के साथ -साथ प्रेम प्रकाश पांडे का नाम भी दावेदारों में लिया गया है। महासमुंद से मौजूदा सांसद चंदूलाल साहू के साथ पूर्व मंत्री एवं मौजूदा कुरूद विधायक अजय चंद्राकर का नाम बताया जा रहा है।हालांकि अजय चंद्राकर लोकसभा चुनाव लड़ने से इंकार कर चुके हैं।बिलासपुर से मौजूदा सांसद लखनलाल साहू के साथ- साथ दीपक साहू, अमर अग्रवाल और भूपेंद्र सव् वनी का नाम सूची में शामिल होना बताया जा रहा है।बस्तर की भाजपा सूची में चार बड़े नाम शामिल किए गए हैं।

इनमें दिनेश कश्यप के साथ केदार कश्यप,बेदू राम कश्यप और महेश गागड़ा का नाम शामिल है। केदार और महेश, रमन मंत्रिमंडल में शामिल रह चुके हैं और विधानसभा चुनाव बुरी तरह से हार चुके हैं। सरगुजा सीट से भी पांच दावेदारों के नाम सूची में शामिल है। इनमें मौजूदा सांसद कमलभान सिंह, रेणुका सिंह, रामलखन सिंह पैकरा,प्रबोध मिंज और फुलेश्वरी सिंह का नाम लिया जा रहा है। रेणुका सिंह का नाम पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह की पसंद का है तो वही रामलखन सिंह पैकरा संघ की पसंद बताए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2013 में भी सरगुजा की 8 विधानसभा सीटों में से सात पर कांग्रेसी विजयी हुई थी।भाजपा लगभग एक लाख वोटों से विधानसभा में पीछे थी। बावजूद इसके अनुसूचित जनजाति के लिए इस आरक्षित सीट से भाजपा के कमलभान सिंह लोकसभा चुनाव में लगभग डेढ़ लाख मतों से विजयी हुए थे। गोंड जनजाति बहुल वाले इस संसदीय सीट में भी इस बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा का पूरी तरीके से सफाया हो चुका है।यहां से अंबिकापुर विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर टी एस सिंह देव मंत्री बने हैं।उनका मतदाताओं के बीच जबरदस्त पकड़ है।वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में भले ही प्रधानमंत्री मोदी का जादू नहीं चला था लेकिन लोकसभा चुनाव में उनके नाम पर वोट पड़े। लोगों का कहना है कि इस बार के लोकसभा चुनाव में भी मोदी फैक्टर का प्रभाव सरगुजा पर जरूर पड़ेगा।


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