वाराणसी प्रशासन की चूक से शहीद के परिजन भड़के, केंद्रीय मंत्री ने मांगी माफी

वाराणसी प्रशासन की चूक से शहीद के परिजन भड़के, केंद्रीय मंत्री ने मांगी माफी


वाराणसी- जम्मू कश्मीर के पुलवामा में शहीद रमेश यादव की अंतिम यात्रा से पहले जिला प्रशासन के एक अधिकारी की कथित बयानबाजी से गम में डूबे परिजनों के भड़क गये जिससे मौके पर मौजूद केन्द्रीय मंत्री महेश शर्मा को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा।

दरअसल, वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र में शहीद के पैतृक गांव तोफापुर में परिजन रमेश के भाई का इंतजार कर रहे थे कि इस बीच जिला प्रशासन ने शव को उठा लिया। परिजनो के विरोध जताने पर वहां मौजूद किसी अधिकारी ने कहा " आप लोग राजनीति कर रहे हो। " इतना सुनते ही परिजन और वहां मौजूद भीड़ भड़क गयी। मामले की नजाकत को भांपते हुये केंद्रीय मंत्री राज्यमंत्री महेश शर्मा ने प्रशासन की ओर से हाथ जोड़कर माफी मांगी, तब जाकर स्थिति कुछ हद तक सामान्य हुई।

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान रमेश के पिता श्याम नारायण यादव ने जिला प्रशासन पर 'असंवेदनशील' रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी मांगें नहीं मानी गईं। परिवार की मर्जी के खिलाफ जिला प्रशासन आनन-फानन में उनके बेटे का पार्थिव शरीर उठाकर ले गया।

इससे पहले एक अधिकारी द्वारा कथित रुप से यह कहने पर कि 'लोग राजीति कर रहे हैं', परिजनों के साथ-साथ स्थानीय लोग भी भड़क गए। वे जिला प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आनंद कुलकर्णी ने परिजनों को समझाकर स्थिति को संभालने का प्रयास किया।

शहीद रमेश के पिता श्री यादव का कहना है कि उनका दूसरा बेटा राजेश मुंबई में रहता है। भाई की मृत्यु की खबर सुनते ही वह यहां आने को तैयार था, लेकिन उसके पास टिकट के लिए पर्याप्त रुपये नहीं थे। इस संबंध में उससे फोन पर बातचीत के बाद वाराणसी जिला प्रशासन के एक अधिकारी हवाई जहाज का टिकट उपलब्ध कराने के आश्वासन दिया। उसे पुणे हवाई अड्डे पर पहुंचने को कहा गया, लेकिन जब वह वहां पहुंचा तो घंटों इंतजार के बाद टिकट का इंतजाम नहीं हुआ। राजेश का इंतजार कर रहा पूरा परिवार चाहता था कि वह अपने भाई का अंतिम दर्शन कर सके, लेकिन अधिकारी के गलत बयानी के कारण यह नहीं हो सका।

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