शहादत को सलाम : 22 दिन पहले ही पिता बने थे तिलक राज,शहादत की खबर मिले ही शोक में डूबा गांव

शहादत को सलाम : 22 दिन पहले ही पिता बने थे तिलक राज,शहादत की खबर मिले ही शोक में डूबा गांव



11 फरवरी को ही छुट्टी काटकर ड्यूटी पर लौटे थे,

शिमला। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को हुए आतंकी हमले में हिमाचल प्रदेश का भी एक जवान शहीद हो गया है। इस हमले में कांगड़ा जिला के ज्वाली के 31 साल के तिलक राज गांव जंदरोह धेवा ग्राम पंचायत नाना तहसील जवाली भी इस आतंकी हमले में शहीद हुए हैं। वे सीआरपीएफ में तैनात थे।

घटना की जानकारी मिलने के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। जनवरी महीने में ही शहीद की पत्नी ने बेटे को जन्म दिया था। जिसके सिर से जन्म के 22 दिन के भीतर ही उसके पिता का साया उठ गया। तिलक राज तीन दिन पहले ही छुट्टी से ड्यूटी पर लौटा था। शहीद तिलक राज 11 फरवरी को ही छुट्टी काटकर ड्यूटी पर वापस लौटा था। शहीद तिलक राज का एक बेटा तीन साल का है। घर में माता-पिता और एक बड़ा भाई है।

शहीद तिलक राज ही परिवार का सहारा था। तिलक राज के पिता मेहनत मजदूरी करते हैं और बड़ा भाई बलदेव पंजाब में प्राइवेट नौकरी करता है। घर के बेटे की शहादत की खबर मिलने के बाद पूरे परिवार में मातम का माहौल पसर गया है।

राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस घटना पर शोक जताया है। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निन्दा करते हुए शहीदों को नमन किया है।

बजट सत्र के बाद राजभवन में राज्यपाल की ओर से विधायकों को दिए जाने वाले रात्रिभोज के कार्यक्रम को भी बीती रात आतंकी हमले की जानकारी के बाद रद्द कर दिया गया।

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