सहारनपुर : एसआईटी ने आज जहरीली शराब कांड की जांच शुरू की, 16 गांवों में छह दिन में सौ लोग मरे


एसआईटी चेयरमैन संजय सिंघल ने प्रभावित गांवों का दौरा कर पीड़ितों से की मुलाकात, पूछा कैसे हुआ, कहां से आई शराब और कौन है जिम्मेदार

एसआईटी ने पीड़ितों ग्रामीणों के बयान वीडियो रिकार्ड किए, मीडिया को रखा दूर

सहारनपुर (गौरव सिंघल)। सहारनपुर में जहरीली शराब से छह दिनों के भीतर तीन थाना क्षेत्रों के 16 गांवों में 100 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एडीजी रेलवे संजय सिंघल की अध्यक्षता में गठित एसआईटी ने बुधवार को सभी प्रभावित गांवों का दौरा किया। सिंघल के साथ एसआईटी टीम के दो सदस्य सहारनपुर के कमिश्नर चंद्रप्रकाश त्रिपाठी और आईजी शरद सचान भी थे। एसआईटी के तीनों सदस्यों ने आज सुबह नांगल थाना के गांव उम्हई कलां में एक स्कूल के कक्ष में एक-एक कर ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। ज्यादातर सवाल संजय सिंघल की ओर से किए गए। कमिश्नर त्रिपाठी ने भी सवाल पूछे। ग्रामीणों ने अपनी बात एसआईटी के सामने रखने के बाद पत्रकारों को बताया की उनसे एसआईटी सदस्यों ने पूछा कि यह सब कैसे हुआ?, यह शराब कहां से आई? आप ने क्या-क्या देखा? क्या शराब अभी भी कहीं बची है आदि-आदि? इस गांव में जहरीली शराब से 15 लोगों की जानें गई हैं।

ग्रामीणों के सभी बयान वीडियो रिकार्ड किए गए हैं। एसआईटी चेयरमैन संजय सिंघल ने पत्रकारों को बताया कि जांच के निष्कर्षों को मीडिया से शेयर नहीं किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद इसकी रिपोर्ट पांच दिन के भीतर मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी। इसके बाद शासन दोषी पाए गए आला अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।

नागल थाना क्षेत्र के उम्हाई कलां के बाद एसआईटी के सदस्य गागलहेड़ी थाना के गांव शर्बतपुर पहुंचे। यहां भी आधा दर्जन लोगों की जहरीली शराब के सेवन से मौत हो चुकी है। एसआईटी के सदस्यों के साथ एसपी देहात विद्यासागर मिश्र और एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह भी थे। पीड़ित परिवार के लोगों ने बताया कि गांवों में काफी पहले से कच्ची शराब और अवैध शराब का धड़ल्ले से कारोबार चल रहा था और पुलिस प्रशासन के लोग सूचना दिए जाने के बाद भी लापरवाही का रवैया अख्तियार किए हुए थे। गांव शर्बतपुर पहुंची टीम को पीड़ित लोगों ने बताया कि इस गांव की महिलाओं ने दो दिन पूर्व झाडू-पौंछा छोड़कर हाथों में डंडे उठाकर शराब ठेकों में तोड़फोड़ कर उनमें आग लगा दी थी। महिलाओं ने एसआईटी टीम को बताया िकवे गांव में किसी भी कीमत पर अवैध शराब की बिक्री नहीं होने देंगी। महिलाओं ने बताया कि शर्बतपुर गांव में बड़ी संख्या में लोगों को शराब की लत है। दिन ढलते ही चुडियाला रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले मार्ग पर पियक्कड़ों की लाइन लग जाती है और गांव के बहुत से लोग पड़ौसी राज्य उत्तराखंड के थाना भगवानपुर, झबरेड़ा और गांव बालुपुर जाते हैं जहां कच्ची शराब बड़ी मात्रा मिलती है। वहीं से आई जहरीली शराब को पीकर सहारनपुर में इतनी बड़ी संख्या में मौतें हुईं। सहारनपुर मंडल के इतिहास में जहरीली शराब से इतने लोगों की मौतें कभी नहीं हुईं।

एसआईटी यहां से गांव सलेमपुर गई। जहां उन्होंने पीड़ित ग्रामीणों से तथ्यात्मक जानकारियां जुटाईं। चेयरमैन संजय सिंघल ने ग्रामीणों से इस अवैध धंधें से जुड़े लोगों के बारे में जानकारियां जुटाई। सिंघल ने ग्रामीणों से आबकारी विभाग और पुलिस की लापरवाही को लेकर भी ग्रामीणों से तीखे सवाल पूछे। ग्रामीणांे का एसआईटी से कहना था कि गांव मंें शराब माफिया बेखौफ होकर ना केवल कच्ची शराब की निकासी और आपूर्ति करते है बल्कि दूसरे राज्यों से कच्ची शराबें लाकर यहां बेचते हैं। पुलिस शिकायत करने वालों का ही उत्पीड़न करती है। इस कारण गांव के लोग डरे और सहमे रहते हैं। ग्रामीणों ने संजय सिंघल से मुआवजा राशि बढ़ाकर दस लाख करने, मृतक आश्रितों को रोजगार देने और देशी शराब की दुकानो कों लाइसेंस देने पर भी पाबंदी लगाई जाए।

इससे पूर्व बीती रात सहारनपुर पहुंचे एडीजी संजय सिंघल ने आईटीसी गेस्ट हाउस में एसआईटी के दो अन्य सदस्यों कमिश्नर सीपी त्रिपाठी और शरद सचान के साथ बंद कमरे में बैठक की। एडीजी सिंघल ने सहारनपुर के डीएम आलोक पांडे से भी अकेले में जानकारी ली। एसआईटी सदस्यों के कड़े रूख को देखते हुए माना जा रहा है कि सहारनपुर के कम से कम आधा दर्जन पुलिस प्रशासनिक अफसरों पर इस जहरीली शराब कांड के कारण गाज गिरना तय है। सहारनपुर के तीन विधायकों- सपा के संजय गर्ग, कांग्रेस नरेश सैनी और मसूद अख्तर ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में भी इस मामले को उठाया और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिले के आला अफसर इस मामले में लीपापोती करने में जुटे हैं। वे अगर सतर्क और सजग होते तो इतने बड़े नरसंहार को होने से रोका जा सकता था। विधायक संजय गर्ग का कहना था कि पुलिस आए दिन अवैध शराब के मामले में बेकसूर और निर्दोष लोगों को गिरफ्तार कर खानापूर्ति करती रहती है, जबकि अवैध शराब निकासी और आपूर्ति कारोबार से जुड़े असली लोग बचे रहते हैं। एसआईटी चेयरमैन सिंघल ने अपनी जांच को इस बात पर भी केंद्रित रखा कि कहीं इस कांड के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं है। ध्यान रहे, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसआईटी का गठन किए जाने के दौरान बड़ी साजिश होने की ओर भी संकेत किया था। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के सबसे साफ सुथरी छवि और ईमानदार अफसर संजय सिंघल को एसआईटी का चेयरमैन नियुक्त किया। शराब कांड को लेकर राज्य सरकार, जिले के आबकारी आयुक्त अजय सिंह, सीओ देवंबंद सिद्धार्थ, आबकारी निरीक्षक गिरीश चंद्र, हरिश चंद्र और आशीश सिंह और सबसे ज्यादा मौतें होने वाले थाना नांगल के एसएचओ हरीश राजपूत जो कि प्रभारी प्रमोद नैन, दो उपनिरीक्षकों और सात सिपाहियों को निलंबित किया है।

उधर, सहारनपुर के शराब पीड़ित छह लोगों धर्मसिंह, नीरज, लीलू, सुभाष, अशोक और अरूण को मेरठ मेडिकल कालेज से छुट्टी दे दी गई है। कुल आठ लोगों को अभी तक स्वस्थ होने पर घर भेजा जा चुका है। वहां भर्ती बारह मरीजों में सात के स्वास्थ्य में सुधार दिखाई दिया है। मेरठ कालेज अस्पताल के सीएमएस डा. धीरज राज ने बताया कि मेरठ में सहारनपुर के 36 लोगों को भर्ती कराया गया था, छह लोगों ने मेरठ जाते वक्त रास्ते में दम तोड़ दिया था जबकि 23 लोग अस्पताल में दम तोड़ दिया। विचाराधीन 3 मरीजों की आंखों की रौशनी तक जा चुकी है।

उधर सहारनपुर के सीएमओ डा. सोढ़ी ने बताया कि शराब कांड में मृतकों का विसरा लखनउ जांच के लिए भेजा गया है। जिसकी रिपोर्ट एक माह में मिल जाने की उम्मीद है। एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि इस कांड में शामिल सभी प्रमुख लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सहारनपुर और हरिद्वार के संयुक्त अभियान में कल शाम शराब कांड का मुख्य आरोपी अर्जुन गिरफ्तार किया जा चुका है। उसी ने रूढ़की स़्िथत एक केमिकल फैक्टरी से कैमिकल से भरे तीन डाम खरीदे थे। इस केमिकल से बनी शराब के सेवन से दोनों राज्यों के डेढ़ सौ लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इस मामले में सहारनपुर पुलिस 30 अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर चुकी है। जिला पुलिस जनपद के गांवों में तभी से लेकर अवैध शराब की भट्टियों को तोड़कर बरामद जहरीली और अवैध शराब को नष्ट कर रही है। एसआईटी चेयरमैन संजय सिंघल सहारनपुर में जहरीली शराब कांड मामले की जांच करते हुए, उनके साथ कमिश्नर सहारनपुर सीपी त्रिपाठी, आईजी सहारनपुर शरद सचान, जिलाधिकारी सहारनपुर आलोक पांडेय मौजूद रहे।

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