अमित शाह को तड़ीपार कहने पर विधान परिषद में हंगामा, सपा सदस्यों ने तड़ीपार-तड़ीपार के नारे लगाए

अमित शाह को तड़ीपार कहने पर विधान परिषद में हंगामा, सपा सदस्यों ने तड़ीपार-तड़ीपार के नारे लगाए



लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को विपक्षी द्वारा तड़ीपार कहे जाने पर विधान परिषद में जमकर हंगामा हुआ। विधान परिषद की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई सपा नेताओं ने अखिलेश यादव को एयरपोर्ट पर रोके जाने और प्रयागराज में सपा कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया। इस पर सत्ता पक्ष के लोग जवाब देते वैसे ही कांग्रेस विधान परिषद दल के नेता दीपक सिंह ने कहा कि आपके राष्ट्रीय अध्यक्ष तो तड़ीपार रहे हैं। इतना कहते ही भाजपा के सदस्यों ने विरोध करना शुरू कर दिया। इस पर विपक्षी सदस्यों ने 'तड़ीपार-तड़ीपार' के नारे लगाए।

नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन ने कहा कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रयागराज विश्वविद्यालय जा रहे थे। उन्हें एयरपोर्ट पर रोका गया। यह अलोकतांत्रिक है। उन्होंने कहा कि वहां पर पुलिस ने सपा नेताओं पर लाठीचार्ज किया और गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकार की साजिश है कि चुनाव से पहले हमारे नेताओं पर गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज कर उन्हें बंद कर दिया जाए। नरेश उत्तम यहां बैठे हैं। वह तो गए भी नहीं थे लेकिन इनका भी नाम मुकदमे में है।

नेता सदन डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि विपक्ष गंभीर आरोप लगा रहा है तो हमारी बात भी सुननी पड़ेगी। इसी बीच आनंद भदौरिया ने कहा कि सरकार सड़क से सदन तक विपक्ष की आवाज दबा रही है। नरेश उत्तम और वासुदेव यादव ने भी ऐसे ही आरोप लगाए। बसपा नेता जैसे ही इस मुद्दे पर बोलने लगे तो भाजपा सदस्य विजय बहादुर पाठक ने उनके ही शासन की घटना याद दिलाई। उन्होंने कहा कि आनंद भदौरिया इसी सदन के सदस्य हैं। उनके साथ कैसा बर्ताव किया गया था।

बसपा नेता दिनेश चंद्रा ने कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को रोका जाना और प्रयागराज में हुई घटना निंदनीय है। पहले सीबीआई और ईडी के जरिए विरोधियों की आवाज दबाने की कोशिश की गई। उससे बात नहीं बनी तो अब अखिलेश यादव जी को एयरपोर्ट पर ही रोक दिया गया। भारतीय लोकतंत्र में ऐसा कभी नहीं हुआ। विपक्ष की राजनीतिक गतिविधियों को रोका जा रहा है।

कांग्रेस विधान परिषद दल के नेता दीपक सिंह ने कहा कि हम भारतीयों की आवाज दबाने के लिए ऐसा अंग्रेजों की पुलिस करती थी। इसी बीच भाजपा सदस्यों ने कांग्रेस की इमरजेंसी याद दिलाई। इस पर दीपक सिंह ने कहा कि वह घोषित इमरजेंसी थी और आज अघोषित इमरजेंसी है। घोषित इमरजेंसी के परिणाम आए थे और अघोषित इमरजेंसी के भी परिणाम आने वाले हैं। सरकार को नतीजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आपके तो राष्ट्रीय अध्यक्ष तड़ीपार रहे हैं। उन्हें क्यों नहीं रोका? उन्होंने कहा कि कुंभ के नाम पर भी आपके लोग लूट रहे हैं। आपके नेता उन अफसर के ही घर रुकते हैं जो कुंभ में घोटाला कर रहे हैं। उनकी ही पत्नी और बेटे को ठेका दिया जा रहा है।

इस पर बीजेपी सदस्य खड़े हो गए और राष्ट्रीय अध्यक्ष को तड़ी पार कहे जाने पर विरोध जताया। भाजपा सदस्यों ने कहा कि यह असंसदीय शब्द है। इसे कार्यवाही से निकाला जाए। इस पर दीपक सिंह और सपा सदस्यों ने तड़ीपार-तड़ीपार के नारे लगाए। बाद में सभापति ने कहा कि असंसदीय शब्दों को कार्यवाही में शामिल नहीं किया जाएगा। सत्ता पक्ष और विपक्ष में बहस तीखी होने पर सभापति ने सदन की कार्यवाही आधा घंटे के लिए स्थगित कर दी।

बाद में कार्रवाई शुरू हुई तो नेता सदन डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कहा कि विपक्षी सदस्यों ने अभी सदन में कपोल कल्पित बातें कहीं। इस पर फिर से सपा सदस्य खड़े हो गए। उन्होंने कहा कि हमारी बातों को सदन में कपोल कल्पित कहा जा रहा है। ये भी असंसदीय शब्द है। इसे कार्यवाही से बाहर किया जाए। इतना कहकर सपा सदस्य वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। सभापति ने सदन की कार्यवाही आधा घंटे के लिए स्थगित कर दी और फिर स्थगन का समय आधा घंटा बढ़ा दिया गया।

उसके बाद जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो सपा सदस्य वेल में आकर 'मुख्यमंत्री माफी मांगो-माफी मांगो' और 'मुख्यमंत्री शर्म करो-शर्म करो' के नारे लगाने लगे। इसी बीच सभापति ने सभी सवाल उत्तरित और सूचनाएं पढ़ी हुई मानते हुए सदन की कार्यवाही गुरुवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।


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