2019 में बड़ी जीत दर्ज करेगी कांग्रेस : राहुल

2019 में बड़ी जीत दर्ज करेगी कांग्रेस : राहुल


नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 16वीं लोकसभा के अंतिम सत्र में पार्टी संसदीय दल को संबोधित करते हुए कहा कि चुनावों में पार्टी अप्रत्याशित प्रदर्शन करेगी और देश के महत्वपूर्ण संस्थानों को बर्बाद किए जाने की कोशिशों पर रोक लगाएगी।

कांग्रेस अध्यक्ष ने वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं के बीच कहा कि 2014 के चुनावों के बाद पार्टी लोकसभा में महज 48 सीटों पर सिमट गई थी। इसके बावजूद पार्टी सांसदों ने बड़ी मजबूती से दोनों सदनों में अपने पक्ष को रखा। उन्होंने कहा कि भाजपा में वरिष्ठ नेताओं को अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया जा रहा है। केवल एक ही व्यक्ति की बात सुनी व कही जा रही है। यह प्रक्रिया सिलसिलेवार ढंग से जारी है। चुनाव आयोग, उच्चतम न्यायालय, रक्षा बल और संसद के सदन भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। इसी बिंदु पर कांग्रेस पार्टी लड़ाई लड़ रही है। उन्हें बड़ी खुशी है कि कांग्रेस जीत रही है और भाजपा व उसकी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा हार रही है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस देश में केवल एक ही पार्टी है जो पूरे देश की बात करती है। बाकी सभी पार्टियां किसी एक हिस्से की बात करती है। इसको लेकर हमें अपनी पार्टी पर गर्व करना चाहिए। कांग्रेस पार्टी संस्थानों की रक्षा के लिए खड़ी है। कांग्रेस अध्यक्ष ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नोट बंदी से अर्थव्यवस्था में जीडीपी को 2 प्रतिशत के नुकसान होने की आशंका जताने की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनकी यह आशंका बिल्कुल सही साबित हुई। राहुल ने कहा कि राफेल एक बहुत छोटा मुद्दा है। राफेल भारतीय रक्षा बलों से व्यवस्थित लूट का हिस्सा है। धीरे-धीरे सामने आएगा कि केवल राफेल ही नहीं अन्य सौदों में भी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।

सोनिया गांधी ने संसदीय दल को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले पांच साल में देश में आर्थिक और सामाजिक तनाव रहा है। लोकतांत्रिक व धर्मनिरपेक्ष गणतंत्र की नींव पर मोदी सरकार ने व्यवस्थित तरीके से हमाला किया है। संविधान के मूल्य, सिद्धांत और प्रावधान मोदी सरकार द्वारा निरंतर हमले के शिकार हुए हैं। संस्थानों को कमजोर कर दिया गया है। राजनैतिक विरोधियों को आघात पहुँचाया गया है। अलग आवाज को दबा दिया गया है। बोलने की आजादी चुप कराने की कोशिश की गई है। सत्ता प्रतिष्ठान से अलग राय रखने वाले लोग इसका शिकार हुए हैं।

सोनिया ने कहा कि जम्मू और कश्मीर में अलगाववाद नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है। दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है। किसानों को अभूतपूर्व संकट का सामना करना पड़ रहा है। युवा वर्ग निराशा की खाई में घिर रहा है। झांसा देना और डराना मोदी सरकार का शासन दर्शन बन गया है। सच्चाई और पारदर्शिता को एक तरफ उछाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश द्वारा 'संविधान पर धोखाधड़ी' के रूप में वर्णित मनी बिल का का रास्ता अपनाकर दोनों सदनों में वैध जांच से बचने के लिए सरकार ने इसका सहारा लिया गया है। 2014 का जनादेश खुद को लोगों को गुमराह करके, धोखे और बेईमानी से प्राप्त किया गया था लेकिन इस बार जनता बदलाव लाएगी।

कांग्रेस संसदीय दल में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद और उपनेता आनंद शर्मा मौजूद थे। इन नेताओं ने भी बैठक में अपना अपना पक्ष रखा।


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