प्रियंका कर रही हैं कड़ी मेहनत, फिर भी जर्जर कांग्रेस को खड़ा करना बड़ी चुनौती

प्रियंका कर रही हैं कड़ी मेहनत, फिर भी जर्जर कांग्रेस को खड़ा करना बड़ी चुनौती




लखनऊ। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की कड़ी मेहनत के बावजूद उत्तर प्रदेश में हाशिये पर पहुंची कांग्रेस को फिर से खड़ा करना उनके लिये बड़ी चुनौती मानी जा रही है। देश में सर्वाधिक समय तक शासन करने वाली कांग्रेस लोकसभा के पिछले चुनाव में उत्तर प्रदेश से मात्र दो सीटें जीत पाई थी। इसके बाद 2017 के विधान सभा चुनाव में हालत और खराब हो गयी क्योंकि 403 विधानसभा सीटों में से उसे मात्र सात हासिल हो पाईं।

राजनीतिक दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण इस सूबे में जर्जर कांग्रेस को खड़ा करने के लिये प्रियंका ने जीतोड़ मेहनत शुरू कर दी है। महासचिव बनने के बाद उन्होंने अपने पहले दौरे में ​ही लखनऊ आकर छह घन्टे रोडशो किया। इसके बाद जयपुर जाना और दूसरे दिन वापस आकर 16 घन्टे लगातार बैठक करके बुधवार सुबह साढ़े पांच बजे तक दूरदराज से आये कार्यकर्ताओं से अलग-अलग मिलकर पार्टी नेताओं को कड़ी मेहनत करने के संकेत दे दिये हैं। प्रियंका गांधी ने महासचिव बनने के अपने पहले दौरे में ही करीब 16 घन्टे कांग्रेसियों से बातचीत की और कहा कि मैं पार्टी कार्यकर्ताओं व नेताओं के साथ बैठक कर प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति और चुनाव जीतने पर उनके विचार जान रही हूं।

उनके सक्रिय राजनीति में आने पर राहुल के राजनीतिक कद के सम्बन्ध में पूछे गए सवाल पर उनका साफ कहना था कि भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से वैचारिक लड़ाई राहुल गांधी ही लड़ रहे हैं। लोकसभा चुनाव में मुकाबला राहुल गांधी बनाम नरेंद्र मोदी है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के संगठन में काफी बदलाव की जरूरत है। इसीलिये संगठन को मजबूत बनाने के लिये कार्यकर्ताओं की राय ली जा रही है। प्रियंका गांधी से मिलने वाले कार्यकर्ताओं में से कई को काफी भावुक भी देखा गया।

प्रियंका गांधी से मिलकर आया एक कार्यकर्ता अपने आंसू रोक नहीं पाया। उसने बताया कि श्रीमती गांधी उससे सरल भाव से मिलीं। उसने कहा कि कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद बड़े नेता आम कार्यकर्ताओं से मिलने से कतराते हैं लेकिन प्रियंका की सरलता देख वह भावुक हैं। प्रियंका से मिलने वाले कार्यकर्ताओं ने बताया कि वह पूछ रही थी कि कांग्रेस को यहां मजबूत करने के लिये क्या-क्या किया जाना चाहिये जिस पर कार्यकर्ताओं ने अपनी राय रखी। प्रियंका ने सबकी बातें सुनी और संगठन मजबूत करके उत्तर प्रदेश में 2022 में कांग्रेस सरकार बनाने का दावा दोहराया। उन्होंने संकेत दिए कि लोकसभा चुनाव बाद संगठन में परिवर्तन हो सकते हैं।

लखनऊ के नेताओं ने प्रियंका गांधी से लखनऊ संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने का आग्रह किया जिसे मुस्कुरा कर टालते हुए उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता प्रदेश में कांग्रेस को मजबूत करना और 2022 मेंं सरकार बनवाना है। उन्होंने संकेत दिया कि कांग्रेस के फ्रंटल संगठनों में काफी बदलाव किया जायेगा।


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