प्रयागराज यूनिवर्सिटी प्रशासन ने प्रांगण में राजनैतिक लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई,यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्थानीय प्रशासन से सहयोग मांगा था- आईजी

प्रयागराज यूनिवर्सिटी प्रशासन ने प्रांगण में राजनैतिक लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई,यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्थानीय प्रशासन से सहयोग मांगा था- आईजी

लखनऊ। प्रदेश सरकार के आईजी कानून व्यवस्था प्रवीण कुमार ने कहा कि प्रयागराज यूनिवर्सिटी प्रशासन ने प्रांगण में राजनैतिक लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई थी। जिसको लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्थानीय प्रशासन से सहयोग मांगा था।

आईजी कानून व्यवस्था प्रवीण कुमार ने कहा कि प्रयागराज के डीएम,एसएसपी ने लखनऊ के डीएम,एसएसपी को इस बाबत पत्र लिखा उसी पत्र के आधार पर कार्रवाई हुई। एक पीआईएल पर हाईकोर्ट ने भी पुलिस प्रशासन को ऐसे मामलों में मदद का आदेश दिया।

प्रवीण कुमार ने कहा किकुछ लोगों ने शासकीय होर्डिंग्स, गमलों को तोड़ा,बालसन चौराहे पर बैठ कर जाम लगाया गया। कुंभ के चलते बालसन चौराहे पर भीड़ रहती है।भीड़ में शामिल असामाजिक तत्वों ने पथराव किया। सीओ समेत 4 पुलिसकर्मी घायल हुए। सांसद समेत कुछ लोगों को मामूली चोट आई है। कानून व्यवस्था हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई होगी।

आईजी प्रवीण कुमार ने कहा कि पुलिस के पास काफी सीसीटीवी फुटेज है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मुकदमे दर्ज होंगें। सुबह ही दल विशेष के अध्यक्ष के निजी सचिव को सूचित कर दिया गया था । इसके बाद भी इतना हंगामा होना ठीक नहीं है।

वहीँ अखिलेश यादव के सवालों का जवाब देते यूपी सरकार के मंत्री और प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव झूठ बोल रहे हैं कि उन्हें परमिशन मिल गई थी। हमने शासन द्वारा सभी को पत्र जारी कर दिया है कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कमेटी द्वारा यह कहा गया था कि किसी भी राजनीतिक दल या व्यक्ति एवं कार्यकर्ता को किसी कार्यक्रम में नहीं बुलाया जाएगा और जिसकी जानकारी अखिलेश यादव को भी पहले दी जा चुकी है। आज अखिलेश यादव जबरदस्ती वहां जाने का प्रयास कर रहे थे। जिस पर जिला प्रशासन ने उन्हें रोका।

उन्होंने कहा कि क्या पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते उन्हें वहां जाना चाहिए था और आखिर वह वहां क्यों जा रहे थे। उनकी क्या मंशा थी। यह उनके समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता इलाहाबाद के बालसन चौराहे पर प्रदेश से कई जगह पर दिखा रहे हैं।

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