सरकार ने बजट को चुनावी हथियार बनाया..बजट को लोकप्रिय बनाने का प्रयास किया गया: विपक्ष

सरकार ने बजट को चुनावी हथियार बनाया..बजट को लोकप्रिय बनाने का प्रयास किया गया: विपक्ष



नयी दिल्ली। विपक्षी दलों ने अंतरिम बजट को सरकार का चुनावी बजट करार दिया और आरोप लगाया कि उसकी नियत सही होती तो इस बजट की लोकप्रिय घोषणाओं को पिछले पांच बजटों में शामिल किया जा सकता था।

लोकसभा में सोमवार को वर्ष 2019-20 के लिए अंतरिम बजट पर चर्चा की शुरुआत करते हुए अन्नाद्रमुक के थम्बी दुरई ने कहा कि बजट में घोषणाएं बहुत की गयी हैं लेकिन सरकार ने पिछले पांच साल के दौरान उन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया है जिनके जरिए इस बजट को लोकप्रिय बनाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि इस सरकार ने अब तक पांच बजट पेश किए हैं लेकिन किसी को इस तरह से लोकप्रिय बनाने का काम नहीं हुआ है। इसमें की गयी घोषणाओं का मतलब है कि चुनाव को ध्यान में रखते हुए यह बजट तैयार किया गया है।

उन्होंने कहा कि बजट में निश्चितरूप से सुधार के लिए कदम उठाए गए हैं लेकिन सच्चाई इसके ठीक विपरीत है। देश में बेरोजगारी चरम पर है और मोदी सरकार में बेरोजगारी का 45 साल में सबसे ज्यादा हुई है। कृषि क्षेत्र के लिए भी सरकार ने बजट में कदम उठाए हैं लेकिन देश में तीन लाख किसानों ने आत्महत्या की है उसे रोकने के लिए कुछ नहीं किया गया है। बजट में किसानों को छह हजार रुपए हर साल देने की घोषणा की गयी है लेकिन यह राशि बहुत कम है और इसको कम से कम दोगुना किया जाना चाहिए था।

अन्नाद्रमुक नेता ने कहा कि गांव में लोगों को रोजगार देने के लिए मनरेगा एक महत्वपूर्ण योजना थी लेकिन उसको ठीक तरह से क्रियान्वित नहीं किया जा रहा है। उसका पौसा ठेकेदार खा रहे हैं और लोग पूछ रहे हैं कि इसे रोकने के लिए कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं। सरकार ने मेक 'इन इंडिया' जैसे कार्यक्रम शुरू किए हैं लेकिन चीन और बंगलादेश में निर्मित सामान से बाजार पटा पड़ा है। उसके रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।


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