वृंदावन में स्कूली बच्चों को प्रधानमंत्री मोदी ने परोसी अक्षय पात्र की 300 करोड़वीं थाली

वृंदावन में स्कूली बच्चों को प्रधानमंत्री मोदी ने परोसी अक्षय पात्र की 300 करोड़वीं थाली



वृंदावन । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को वृंदावन में मिड डे मील उपलब्ध कराने वाले विश्व के सबसे बडे गैर सरकारी संगठन अक्षय पात्र फाउंडेशन की 300 करोडवीं थाली परोसी।

श्री मोदी ने यहां चंद्रोउदय मंदिर परिसर में आयोजित भव्य समारोह में इस संगठन के लाभार्थी छह बच्चों को मिठाई का डिब्बे प्रदान किया और इस अवसर को यादगार बनाने के लिए स्मृति पट्टिका का अनावरण किया। उन्होंने इस्कॉन के संस्थापक श्रीला प्रभुपाद के विग्राह पर पृष्पांजलि अपर्ति की।

उन्होंनेे फाउंडेशन के न्यासी मोहन दास पायी और अध्यक्ष मुध पंडित दासा की वैज्ञानिक और आधुनिक रसोई की अनुपम पहल के लिए सराहना की। श्री मोदी ने इसके बाद कुछ बच्चों उत्तर भारत व्यंजन की थाली परोसी।उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक , मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मथुरा की सांसद हेमा मालिनी ने भी इस समारोह में शिरकत की। श्री योगी ने संस्थान के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए हर संभव सहायता मुहैया कराने का आश्वासन दिया।

फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री दासा ने श्री मोदी के इस पर अवसर पर उपस्थित होने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वृंदावन में इस फाउंटेशन की सबसे बडी रसोई चलती है। और देश के अन्य राज्यों में भी ऐसी रसोई खोले जाने की बडी योजना है।

फाउंडेशन के जनसंपर्क निदेशक भारत रूसभा दास ने कहा, " देश के हर राज्य में हम अपने फाउंडेशन की रसोई खोलना चाहते हैं ताकि वंचित तबके के बच्चे स्वस्थ, रूचिकर और पौष्टिक आहार की बदौलत स्वस्थ रहें और शिक्षा भी पा सकें, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन और दिमाग का वास हाेता है।"

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 11 स्थानों पर 'अक्षय पात्र' की रसोई खोलने की योजना पर काम चल रहा है जिनमें वाराणसी, कानपुर ,गाजियाबाद , गोरखपुर, आगरा और अंबेडकर में जमीन के लिए ज्ञापन पर हस्ताक्षर हो गये हैं। उत्तराखंड में छह जिलों-उधम सिंह नगर, देहरादून, हरिद्वार और नैनीताल में जमीन मिल गयी है और इस राज्य में नौ स्थानों पर फाउंडेशन की रसोई खोलने की योजना है। उन्होंने कहा, "केन्द्र का सहयोग मिल रहा है लेकिन हम चाहते हैं कि फाइल वर्क यथाशीघ्र आगे बढ़े ताकि जल्द से जल्द हम अधिक से अधिक बच्चों को भोजन दे सकें।"

सरकार की मिड डे मील फ्लैगशिप योजना के तहत इस फाउंडेशन की शुरुआत जून 2000 में कर्नाटक के बेंगलुरु में हुयी थी। योजना की शुरुआत में पांच सरकारी स्कूलों के करीब 1500 बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया गया था। वर्तमान में यह कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, ओडिशा, राजस्थान, झारखंड और असम समेत 12 राज्यों के करीब 14,708 स्कूलों के करीब साढ़े 17 लाख बच्चों को स्वादिष्ट एवं पौष्टिक आहार परोस रही है।

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