अंतरराष्ट्रीय समझौते के तहत पाकिस्तान में भारतीय रेडियो सिगनल की ज्यादा पहुंच..सिगनलों को रोका नहीं जा सकता : राठौर

अंतरराष्ट्रीय समझौते के तहत पाकिस्तान में भारतीय रेडियो सिगनल की ज्यादा पहुंच..सिगनलों को रोका नहीं जा सकता : राठौर


नयी दिल्ली- सरकार ने सीमावर्ती क्षेत्रों में पाकिस्तानी रेडियो सिगनल से संबंधित शिकायतों पर लोकसभा में कहा कि अंतरराष्ट्रीय समझौते के तहत विदेशी रेडियो के सिगनलों को रोका नहीं जा सकता लेकिन पड़ोसी मुल्क के सिगनल की तुलना में हमारे रेडियो सिगनल की पहुंच पाकिस्तान में ज्यादा है।

सूचना प्रसारण मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ ने इस संबंध में पूछे गये पूरक प्रश्नों के जवाब में सदन में कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में इस तरह की स्थिति आती है। पाकिस्तानी चैनल अगर भारत में दिखाई देता है तो हमारे सिगनल भी पाकिस्तान पहुंच रहे हैं और उनकी तुलना में हमारे रेडियो सिगनल की वहां ज्यादा पहुंच है।

उन्होंने कहा कि आकाशवाणी तथा दूरदर्शन की पहुंच देश के सभी हिस्सों में है। प्रसार भारती निजी चैनलों से प्रतिस्पर्धा करते हुए दूरदर्शन और आकाशवाणी के माध्यम से देश की संस्कृति तथा परंपरा को समृद्ध बना रहा है। साहित्य, संगीत तथा कला की अन्य सभी विधाओं को दूरदर्शन तथा आकाशवाणी के राष्ट्रीय तथा क्षेत्रीय प्रसारणों में विशेष महत्व दिया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डीटीएच से दूरदर्शन दिखाया जा रहा है लेकिन इसमें रेडियो स्टेशन भी मौजूद हैं। जिन स्थानों तक रेडियो का प्रसारण ठीक तरह से नहीं हो रहा है उन क्षेत्रों में लोग आकाशवाणी के कार्यक्रमों का आनंद ले सकें इसके 'एप' तैयार किया गया है जिसे मामूली इंटरनेट सिगनल के जरिए भी सुना जा सकता है। उन्होंने कहा कि सभी खेलों का प्रसारण रेडियो पर हो इसके बारे में बातचीत चल रही है।

प्रसार भारती में कार्यक्रम अधिकारियों की पदोन्नति को लेकर पूछे गये सवाल पर उन्होंने कहा कि इन पदों पर नियुक्ति 1990 में हुई थी और इन अधिकारियों की दो बार पदोन्नति हो चुकी है। यह भर्ती सघ लोक सेवा आयोग करता था लेकिन बाद में इस मामले से वह हट गया। मामला न्यायालय पहुंचा तो फिर उसे यह काम मिला है और आगे की प्रक्रिया पर काम चल रहा है।


Share it
Top