उप्र विधानमंडल सत्र: विपक्ष के हंगामे के बीच राज्यपाल ने पढ़ा अभिभाषण

उप्र विधानमंडल सत्र: विपक्ष के हंगामे के बीच राज्यपाल ने पढ़ा अभिभाषण



विपक्ष के सदस्यों ने राज्यपाल पर फेंके कागज के गोले

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन मंगलवार को राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने हंगामा किया। विपक्षी सदस्यों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और राज्यपाल की ओर कागज के गोले उछाले।

राज्यपाल ने पूर्वान्ह ग्यारह बजे समवेत सदन में जैसे ही अभिभाषण पढ़ना शुरू किया, विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। राज्यपाल की तरफ कागज के गोले फेंके। हालांकि , सुरक्षाकर्मियों ने फाइल कवर के सहारे उन्हें रोक लिया। विपक्षी सदस्यों ने अिभभाषण को झूठ का पुलिन्दा बताते हुये 'राज्यपाल वापस जाओ' के नारे भी लगाये।

​अभिभाषण के दौरान समाजवादी नार्टी और बहुजन समाज पार्टी के सदस्य सदन के बीच वेल में खड़े रहे। सुरक्षाकर्मियों और विपक्षी सदस्यों के बीच धक्कामुक्की भी हुई। विपक्षी सदस्यों ने 'गठबन्धन से घबराये हैं, सीबीआई ईडी लाए हैं' के नारे भी लगाए। कुछ सदस्यों ने पोस्टर ले रखे थे, जिसमें प्रधानमंत्री को दांतों से एक पिंजड़ा पकड़े दिखाया था, जिसमें एक तोता था। वहीं राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सपा के विधायक सुभाष पासी बेहोश हो गये। इस पर उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

सपा बसपा का गठबन्धन सदन में भी नजर आ रहा था। दोनों पार्टियों के विधायक मिलकर सरकार के विरोध में नारे लगाते देखे गये। विपक्षी सदस्यों के लगातार शोरगुल के बीच राज्यपाल ने तीस पन्ने का अभिभाषण पूरा पढ़ा। आमतौर पर अभिभाषण का पहला और अन्तिम वाक्य ही पढ़ा जाता रहा है। हंगामे के बावजूद राज्यपाल राम नाईक ने योगी सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों के बारे में सदन को अवगत कराया।

राज्यपाल ने अभिभाषण में गिनाई सरकार की उपलब्धियां

श्री नाईक ने कहा कि देश का पहला रोबोटिक आपरेशन इसी महीने से लखनऊ के एसजीपीजीआई में शुरू होने जा रहा है। यह प्रदेश ही नहीं देश के लिये बड़ी उपलब्धि है। कानून व्यवस्था की तारीफ करते हुये उन्होंने कहा कि अब महिलायें बेहिचक बाहर निकल रही हैं। अब उन्हें आने जाने में कोई डर नहीं लग रहा है।

उन्होंने कहा कि 73 अपराधी मारे गये। 7626 को गिरफ्तार किया गया। कानून व्यवस्था को और चुस्त दुरुस्त करने के लिये एक लाख पच्चीस हजार से अधिक पुलिस कर्मियों की भर्ती की जा रही है। अग्निशमन व्यवस्था पहले से काफी ठीक हुई है।

कुम्भ की तैयारियों का जिक्र करते हुये श्री नाईक ने कहा कि साढ़े चार सौ साल बाद अक्षयवट और सरस्वती कूप के दर्शन शुरू किये जाने से श्रद्धालु गदगद हैं। उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र को 1700 से बढ़ाकर 3200 हेक्टेयर किया गया। 40 हजार से अधिक एलइडी लाइट के जरिये कुम्भ क्षेत्र को दूधिया रोशनी में नहला दिया गया है। दो सौ पचास किलोमीटर सड़क बनाने के साथ ही 22 पैन्टून पुल बनाये गये हैं।

अपने अभिभाषण में उन्होंने योगी सरकार के एक जनपद एक उत्पाद का खासतौर पर जिक्र किया और कहा कि इसके तहत 78 हजार लाभार्थियों में 7500 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया है। सरकार ने पिछड़ों के विकास के लिये विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, माटी कला बोर्ड की स्थापना के साथ ही किसानों के हित की कई योजनायें शुरू की है।

43 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया। करीब 53 लाख टन गेहूं खरीदने के साथ ही किसानों को 72 घन्टे के अन्दर 9231.99 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया। अब तक गन्ने का 52 हजार करोड़ यपये का भुगतान किया गया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दस लाख से अधिक लोगों को घर उपलब्ध कराये गये। स्वच्छता अभियान के तहत सभी 75 जिलों को खुले में शौच से मुक्त कराया जा चुका है। औद्योगिक विकास की चर्चा करते हुये उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने राज्य में 61 हजार करोड़ रुपये से अधिक की 81 योजनाओं का शिलान्यास किया है। इन्वेस्टर्स समिट के सकारात्मक परिणाम दिखने लगे हैं।

राज्यपाल ने बीती 29 जनवरी को योगी मंत्रिमंडल की कुम्भ क्षेत्र में हुई बैठक को दूरगामी सन्देश देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि गंगा एक्सप्रेस-वे बनने के बाद राज्य विकास के क्षेत्र में दूनी गति से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि जानलेवा दिमागी बुखार के रोकथाम में भी काफी सफलता मिली है। इसमें करीब 73 प्रतिशत की कमी आयी है। आयुष्मान भारत से गरीबों को इलाज कराने में काफी सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि बेसिक और उच्च शिक्षा में अतुलनीय परिवर्तन आ रहा हैं। नकल विहीन परीक्षा कराने में सरकार सफल है। ऑपरेशन कायाकल्प की वजह से बेसिक शिक्षा में लगातार सुधार हो रहा है।

श्री नाईक ने कहा कि 22 महीने में 94 लाख बिजली कनेक्शन दिये गये। पर्यटन को बढ़ावा देते हुये स्वदेश दर्शन योजना और अयोध्या के दापोत्सव का खासतौर पर जिक्र किया। प्रयागराज और अयोध्या के नाम से जिले बनाने को भी उन्होंने उपलब्धि बतायी। अभिभाषण में राज्यपाल ने प्रवासी दिवस के आयोजन पर विस्तार से प्रकाश डाला। ग्रामीण विकास विभाग को केन्द्रीय योजनाओं को लागू करने में मिले 12 राष्ट्रीय पुरस्कारों को उन्होंने बड़ी उपलब्धि बतायी।


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