दिल्ली में करीब 60 हजार लोगों को जान का खतरा, रखते है हथियार

दिल्ली में करीब 60 हजार लोगों को जान का खतरा, रखते है हथियार


नई दिल्ली। राजधानी में रहने वाले करीब 60 हजार लोगों को अपनी जान का खतरा है। सुनने में यह अजीब लगे लेकिन यह सच है। इन लोगों ने अपनी जान की सुरक्षा के लिए हथियार रखे हुए हैं और बाकायदा इसका लाइसेंस भी ले रखा है। पुलिस के द्वारा लाइसेंस मिलना इस बात की पुष्टि करता है कि उन्हें हथियार की आवश्यकता है। जानकारी के अनुसार दिल्ली में बड़ी संख्या में कारोबारी, बिल्डर, नेता, अभिनेता रहते हैं।

इनमें से काफी संख्या में लोगों की रंजिश भी रहती है। यह रंजिश कारोबारी से लेकर कई बार निजी भी रहती है। इस रंजिश के चलते काफी लोगों को अपनी जान का खतरा बना रहता है। बड़े नेता भी अपने पास सुरक्षा के मद्देनजर हथियार रखते हैं। इसके चलते वह दिल्ली पुलिस के लाइसेंसिंग यूनिट से हथियार का लाइसेंस लेते हैं। वहीं इस कड़ी में सैकडों महिलाएं भी शामिल हैं।

60 हजार लोगों को जारी है लाइसेंस

लाइसेंसिंग के संयुक्त आयुक्त प्रभाकर ने बताया कि दिल्ली में 60 हजार लोगों ने हथियार का लाइसेंस ले रखा है। यह लाइसेंस तीन वर्ष के लिए दिया जाता है। प्रत्येक तीन वर्ष के बाद पुलिस के पास लाइसेंस नवीनीकरण के लिए जाना पड़ता है। उस समय एक बार फिर पुलिस आंकलन करती है और इसके बाद ही लाइसेंस का नवीनीकरण किया जाता है। अभी तक यह काम मैन्युअल तरीके से किया जाता था, लेकिन कल से इसे ऑनलाइन शुरु किया गया है।

इन वजहों से भी लेते हैं हथियार का लाइसेंस

दिल्ली में सुरक्षा को छोड़ अन्य कारणों से भी लाइसेंस लिया जाता हैं। इनमें से एक बड़ा कारण रोजगार का है, सुरक्षा में काम करने वाले लोग भी हथियार का लाइसेंस लेते हैं। इसके अलावा घर में कुछ लोग सजावट के लिए भी दुनाली बंदूक रखते हैं।

दो दिन पूर्व ही ऑनलाइन सुविधा हुई थी शुरू

दो दिन पूर्व ही पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में लाइसेंस ऑनलाइन सेवा का उद्घाटन किया। यह सेवा एक फरवरी से आम लोगों के लिए शुरू हो गई है।

पुलिस आयुक्त ने बताया था कि अभी तक हथियार का लाइसेंस पाने के लिए लोगों को कई दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे। पहले उन्हें अपने जिले के डीसीपी ऑफिस में आवेदन देना होता था, वहां से लाइसेंसिंग विभाग में आवेदन करना पड़ता था। इसके अलावा पुलिस सत्यापन और साक्षात्कार के लिए कई बार आवेदक को चक्कर काटने पड़ते थे। इसके अलावा आवेदक को उसके आवेदन की स्पष्ट जानकारी भी नहीं होती थी। इसलिए दिल्ली पुलिस ने इस सेवा को ऑनलाइन कर दिया है ताकि लोग घर बैठे आवेदन कर सकें।


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