सरकार जल्द करे सीबीआई के डायरेक्टर की नियुक्ति..सुप्रीम कोर्ट ने कहा लंबे समय तक किसी को अंतरिम निदेशक के पद पर नहीं रखा जा सकता

सरकार जल्द करे सीबीआई के डायरेक्टर की नियुक्ति..सुप्रीम कोर्ट ने कहा लंबे समय तक किसी को अंतरिम निदेशक के पद पर नहीं रखा जा सकता


नई दिल्ली। नागेश्वर राव की सीबीआई के अंतरिम निदेशक के तौर पर नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लंबे समय तक किसी को सीबीआई का अंतरिम निदेशक के पद पर नहीं रखा जा सकता है। जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि हम जानते हैं कि सीबीआई ठीक ढंग से काम नहीं कर रही थी। सरकार जितना जल्द हो सीबीआई के डायरेक्टर की नियुक्ति करे। इस मामले पर अगली सुनवाई 6 फरवरी को होगी।

आज सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता कॉमन कॉज के वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि नागेश्वर राव ने सीबीआई का अंतरिम निदेशक रहते हुए सीबीआई में 40 तबादले किए। तब केंद्र सरकार की ओर से अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने सेलेक्शन कमेटी से नागेश्वर राव को अंतरिम सीबीआई निदेशक बनाने को लेकर अनुमति ले ली थी। इसलिए उनकी अथॉरिटी को लेकर कोई सवाल पैदा नहीं होता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम आलोक वर्मा को वापस पद पर बहाल करने के बाद उनके द्वारा लिए गए फैसलों पर भी गौर करेंगे। सीबीआई डायरेक्टर की नियुक्ति के लिए सेलेक्शन कमेटी की आज बैठक है| इसलिए हम इस बैठक के बाद इस मामले पर सुनवाई करेंगे। उसके बाद कोर्ट ने 6 फरवरी को अगली सुनवाई करने का आदेश दिया।

इस मामले की सुनवाई से तीन जजों ने अपने को अलग कर लिया था। पिछले 31 जनवरी को जस्टिस एनवी रमना ने इस मामले पर खुद को सुनवाई से अलग कर लिया था। उसके पहले 24 जनवरी को इस मामले की सुनवाई से जस्टिस एके सीकरी ने खुद को अलग कर लिया था। जस्टिस सिकरी उस हाईपावर कमेटी में चीफ जस्टिस से नामित होने के बाद शामिल थे, जिसने आलोक वर्मा को सीबीआई डायरेक्टर से हटाने का फैसला लिया था। इस पर काफी विवाद भी हुआ था। जस्टिस सिकरी ने कहा था कि याचिका में सवाल अहम है,काश मैं इस पर सुनवाई कर पाता। लेकिन 'कुछ वजहों' से खुद को सुनवाई से अलग कर रहा हूं।

पिछले 21 जनवरी को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने इस मामले पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था।

याचिका एनजीओ कॉमन कॉज और अंजलि भारद्वाज ने दायर की है। एनजीओ कॉमन कॉज ने वकील प्रशांत भूषण के जरिए दाखिल याचिका में बिना चयन समिति की मंजूरी के नियुक्ति को गलत बताया गया है। उन्होंने नागेश्वर राव के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप होने की दलील भी दी है। याचिका में सीबीआई डायरेक्टर के पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि इस नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया को वेबसाइट पर डाला जाए। वेबसाइट पर दी गई सूचना में सेलेक्शन कमेटी की मिनट्स को भी अपलोड किया जाए। याचिका में मांग की गई है कि इस पद के लिए चुने हुए लोगों के नाम वेबसाइट पर डालने का निर्देश दिया जाए ताकि आम लोगों को अगर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कोई सूचना हो तो वो दे सकें।

पूर्व सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा के हटाने के बाद केंद्र सरकार ने नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक नियुक्त किया है। केंद्र सरकार के इसी फैसले को चुनौती दी गई है।

Share it
Top