सीमा पार आतंकवादियों के ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक देश की नयी नीति और नयी रीति: कोविंद

सीमा पार आतंकवादियों के ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक देश की नयी नीति और नयी रीति: कोविंद



नयी दिल्ली ।राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज कहा कि सरकार ने देश की सुरक्षा और रक्षा जरूरतों के साथ एक पल के लिए भी किसी तरह का समझौता नहीं किया और सीमा पार आतंकवादियों के ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक उसकी 'नयी नीति और नयी रीति' का प्रतीक है।

संसद के बजट सत्र के पहले दिन केन्द्रीय कक्ष में दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए श्री कोविंद ने कहा कि सरकार ने हर तरह की चुनौती से निपटने के लिए सुरक्षा तंत्र को हर पल मजबूत किया है और रक्षा जरूरतों को नजरंदाज नहीं किया। पिछले वर्ष भारत उन चुनिंदा देशों की पंक्ति में शामिल हो गया जिनके पास परमाणु त्रिकोण की क्षमता है।

उन्होंने कहा कि विश्व पटल पर, जहां एक ओर भारत, हर देश के साथ मधुर संबंधों का हिमायती है, वहीं प्रतिपल हर चुनौती से निपटने के लिए वह स्वयं को सशक्त भी कर रहा है। बदलते हुए भारत ने सीमा पार आतंकियों के ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक करके अपनी 'नई नीति और नई रीति' का परिचय दिया है।

श्री कोविंद ने कहा कि सरकार ने रक्षा जरूरतों को एक पल के लिए भी नज़रअंदाज़ नहीं किया क्योंकि यह देश के वर्तमान और भविष्य, दोनों के ही हित में नहीं है। बीते वर्ष रक्षा क्षेत्र में हुए नए समझौतों, नए सैन्य उपकरणों की खरीद और मेक इन इंडिया के तहत देश में ही उनके निर्माण ने सेना का मनोबल बढ़ाया है और सैन्य-आत्मनिर्भरता की ओर देश का मार्ग प्रशस्त किया है। दशकों के अंतराल के बाद भारतीय वायुसेना, आने वाले महीनों में, नई पीढ़ी के अति आधुनिक लड़ाकू विमान-राफेल से लैस होकर अपनी शक्ति को और सुदृढ़ करने जा रही है।

उन्होंने कहा कि सेनाएं और उनका मनोबल 21 वीं सदी के भारत के सामर्थ्य का प्रतीक है। इसे देखते हुए सरकार ने चार दशकों से लंबित वन रैंक वन पेंशन की मांग को न सिर्फ पूरा किया बल्कि 20 लाख पूर्व-सैनिकों को 10,700

करोड़ रुपए से ज्यादा के बकाया का भुगतान भी किया है। राष्ट्रपति ने आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सुरक्षा बलों को बधाई देते हुए कहा कि आतंक और हिंसा में कमी लाने में उनके संगठित प्रयासों की बहुत बड़ी भूमिका रही है। बीते वर्षों में माओवाद से प्रभावित क्षेत्रों में रिकॉर्ड संख्या में युवा मुख्यधारा से जुड़े हैं। सरकार ने पिछले वर्ष राष्ट्रीय पुलिस स्मारक का लोकार्पण कर देश के प्रति उनके बलिदान को सम्मानित किया है और और उनकी स्मृति को भावी पीढ़ियों के लिए संजोया है।

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