धर्म संसद पहुंचा श्रद्धालु बोला, राम मंदिर पर जल्द निर्णय नहीं होने पर लूंगा 'जल-समाधि'

धर्म संसद पहुंचा श्रद्धालु बोला, राम मंदिर पर जल्द निर्णय नहीं होने पर लूंगा जल-समाधि


कुम्भ नगरी (प्रयागराज)। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के बरोखरपुर से कुम्भ में आयोजित विहिप की धर्म संसद में शिरकत करने आये हीरालाल त्रिपाठी एक बार फिर अपनी मांग पर अड़े हैं। राम मंदिर निर्माण में देर होने पर आत्मदाह की घोषणा करने पर पांच दिनों तक जेल की हवा खा चुके हीरालाल ने अब जल्दी निर्णय न होने पर जल समाधि की चेतावनी दी है। हालांकि इनको उम्मीद है कि इस धर्म संसद में राम मंदिर से जुड़े मामले पर सकारात्मक निर्णय सामने आएगा।

अपने हाथ में 'अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर दो, संसद में कानून बनाओ' और अंग्रेजी में 'राम टेम्पल अवर राइट' लिखे स्लोगन को दिखाते हुए वे अपनी निष्ठा और श्रीराम मंदिर निर्माण में अपनी आस्था जाता रहे हैं। विहिप के धर्म संसद पांडाल में गुरुवार को हिन्दुस्थान समाचार से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि 15 जनवरी तक राम मंदिर बनाया जाना न शुरू होने पर आत्मदाह करने की चेतावनी दी थी। इस पर काफी बवाल हुआ और 14 जनवरी को ही पुलिस ने उन्हें घर से गिरफ्तार कर लिया। पांच दिनों तक जेल में रखा गया।

हालांकि हीरालाल त्रिपाठी अभी भी कहते हैं कि वह राम मंदिर निर्माण तक चैन से नहीं बैठेंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सरकार को कानून बनाकर राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ करना चाहिए। धर्म संसद में भी इस मसले पर सकारात्मक निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि अगर जल्दी ही राम मंदिर निर्माण से जुड़ा निर्णय नहीं लिया गया तो जल-समाधि लूंगा।


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