कुम्भ नगरी: कैबिनेट बैठक में गंगा एक्सप्रेस-वे समेत कई प्रस्तावों पर लगी मुहर

कुम्भ नगरी: कैबिनेट बैठक में गंगा एक्सप्रेस-वे समेत कई प्रस्तावों पर लगी मुहर


कुम्भ नगरी, (प्रयागराज)। उत्तर प्रदेश सरकार ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ से तीर्थ नगरी प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेस वे बनाये जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कुम्भनगर में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेस वे के निर्माण के प्रस्ताव का मंजूरी दे दी है।

मंत्रिमंडल की बैठक बाद श्री योगी ने संवाददाताअों से कहा कि उत्तर प्रदेश के पश्चिमी भाग को प्रयागराज से जोड़ने के लिए मंत्रिमंडल ने गंगा एक्सप्रेस-वे को सैद्धांतिक सहमति दी है। उन्होंने कहा कि छह लेन गंगा एक्सप्रेस वे मेरठ, अमरोहा, बुलंदशहर, बदायूं, शाहजहांपुर, फरूखाबाद, हरदोई, कन्नौज, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ होते हुए प्रयागराज तक आयेगी।

श्री योगी ने कहा कि गंगा एक्सप्रेस वे दुनिया का सबसे बड़ा एक्सप्रेस-वे होगा। इसकी लम्बाई 600 किलोमीटर होगी। इसके लिये 36 हजार करोड़ रूपये खर्च होंगेे। एक्सप्रेस वे के लिए 6556 हेक्टेअर जमीन की आवश्यकता होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के लोगों की धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए प्रयागराज में भारद्वाज पार्क के सौंदर्यीकरण की तर्ज पर भारद्वाज ऋषि के आश्रम का भी सौंदयाीर्करण करने, प्रयागराज के पास स्थित श्रृंगवेरपुर तीर्थ स्थल को विकसित करने, निषादराज का पार्क विकासित करने और उनकी मूर्ति लगाने के प्रस्तमाव पर भी मंत्रिमंडल ने सहमति दी है।

उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में रामायण के माध्यम से मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान राम को आम जनों तक पहुंचाने वाले महर्षि वाल्मिकी की प्रयागराज-चित्रकूट के बीच पहाड़ी नामक स्थान पर स्थित आश्रम पर एक भव्य प्रतिमा लगाने, रामायण पर एक शोध संस्थान खोलने और आश्रम को सौंदर्यीकरण करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

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